घटना का पूरा विवरण
घटना के अनुसार, आरोपी रविन्द्र यादव ने महिला सरपंच से अपने आवेदन पर हस्ताक्षर करने की मांग की। सरपंच छोटकी देवी ने कहा कि आवेदन को पहले समझने के लिए समय चाहिए। इस पर नाराज रविन्द्र यादव अपने सहयोगियों के साथ थोड़ी देर बाद लौटे और मारपीट शुरू कर दी।
जब सरपंच के पति काशी यादव और देवर राजेश यादव ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला किया। तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए बिरौल पीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर किया गया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर बिरौल थानाध्यक्ष अमृत लाल बर्मन ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। आवेदन मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार का बयान
सरपंच के पति काशी यादव ने बताया कि रविन्द्र यादव ने आवेदन पर तुरंत हस्ताक्षर की मांग की थी। उनकी पत्नी ने यह कहकर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया कि वे अपने पति से परामर्श के बाद ही इस पर निर्णय लेंगी। इससे नाराज होकर आरोपियों ने हमला कर दिया।
गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पर हमला पंचायत में दबंगई का उदाहरण है। पुलिस से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
निष्कर्ष
महिला सरपंच पर हमला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है। प्रशासन पर दबाव है कि वह जल्द से जल्द कार्रवाई कर दोषियों को सजा दिलाए और पंचायत में शांति स्थापित करे।
इसे भी पढ़े :-







