दरभंगा में बाढ़ का कहर: तटबंध टूटने से स्थिति बिगड़ी
रात को जैसे ही तटबंध टूटा, पानी तेजी से गांव में आया। लोग चिल्लाते हुए भागने लगे। दरभंगा के कुशेश्वर स्थान पूर्वी प्रखंड के बाढ़ पीड़ितों की दास्तान ने यह साबित कर दिया कि बाढ़ के समय में किस तरह लोगों को संकट का सामना करना पड़ता है। “रात में सो रहे थे, तभी बिस्तर पर पानी आ गया। नींद खुली तो देखा पूरा घर पानी से भरा हुआ है। फिर क्या करें, जो सामान हाथ में आया, वह लेकर कमर भर पानी में गुजरते हुए बांध तक पहुंचे। दो दिन से बच्चे भूखे हैं। ना घर बचा, ना खाने का सामान,” ये दर्द भरे शब्द हैं दरभंगा के कुशेश्वर स्थान पूर्वी प्रखंड के एक बाढ़ पीड़ित के।

सोमवार की रात करीब 3 बजे कमला बलान का पूर्वी तटबंध टूट गया, जिसके बाद दो दर्जन गांव बाढ़ के पानी में डूब गए। साथ ही, कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से सुपौल और सहरसा के कई गांवों में पानी घुस गया है। लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम दरभंगा के कुशेश्वर स्थान पूर्वी प्रखंड, सुपौल और सहरसा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची। दरभंगा में नाव पर बैठी गोभी देवी और उनकी बेटी का सामना हुआ, जो पानी में डूबे घर की ओर जा रही थीं। गोभी देवी ने बताया, “रात में गांव के लोग सोए नहीं थे। तटबंध टूटा तो तेजी से गांव में पानी घुसने लगा। लोग पानी आया, पानी आया चिल्लाते हुए भागने लगे।”

























