Shivkumar Borade And Ashwajeet Wankhede Success Story आज उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो कम संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखते हैं। MyTek की यह कहानी दिखाती है कि अगर सही सोच और प्रतिबद्धता हो, तो सफलता पाना नामुमकिन नहीं है। इस सफर में 5 लाख की पूंजी से शुरुआत कर 10.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया गया है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कैसे यह सब संभव हुआ और कैसे इस कहानी से देश के बाकी युवा भी प्रेरणा ले सकते हैं।
MyTek की शुरुआत: सिर्फ 5 लाख से बना करोड़ों का सपना
कोरोना महामारी के दौर में जब पूरी दुनिया लॉकडाउन से जूझ रही थी, महाराष्ट्र के सोलापुर के दो युवाओं ने कुछ अलग सोचने की हिम्मत की। शिवकुमार बोराडे और अश्वजीत वानखेड़े ने घर से ही MyTek नामक एक इन्फ्राटेक स्टार्टअप की शुरुआत की। उन्होंने सिर्फ ₹5 लाख की पूंजी के साथ कंपनी की नींव रखी, लेकिन उनकी सोच लाखों में नहीं, करोड़ों में थी। MyTek एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो सरकारी व निजी प्रोजेक्ट के बोलीदाताओं को अनुभवी ठेकेदारों, सब-कॉन्ट्रैक्टर्स और सप्लायर्स से जोड़ता है।
MyTek का उद्देश्य था – EPC (Engineering, Procurement and Construction) क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन लाना। यह कंपनी उन संस्थाओं की मदद करती है जिनके पास वर्क ऑर्डर होते हैं लेकिन उन्हें समय पर और प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए संसाधनों की कमी होती है। यह प्लेटफॉर्म वर्कफोर्स, मशीनरी, सामग्री, और तकनीक जैसे सभी आवश्यकताओं को एक ही जगह उपलब्ध कराता है। शुरुआत में यह सेवा महाराष्ट्र तक सीमित थी, लेकिन आज इसका विस्तार तेलंगाना, गोवा, पंजाब और कर्नाटक तक हो चुका है।
संस्थापकों की पृष्ठभूमि: साधारण जीवन से असाधारण सोच तक

















