बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव 2025 के बाद जन सुराज पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने अगले कदमों की रूपरेखा सामने रख दी है। इसी कड़ी में pk return को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। बुधवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने आगामी बिहार भ्रमण का रोडमैप जारी किया और राज्य सरकार के हालिया बजट पर भी कड़ा हमला बोला। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़ने और जमीनी हकीकत समझने का प्रयास है।

PK Return: बिहार यात्रा से जन संवाद को नई धार देने की कोशिश

जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बताया कि 8 फरवरी 2026 से प्रशांत किशोर बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मकसद जनता से सीधा जन संवाद स्थापित करना और मौजूदा हालात पर उनकी राय लेना है। पार्टी का दावा है कि यह दौरा एक व्यापक grassroots campaign का हिस्सा है, जहां गांव, कस्बे और शहरों में लोगों से मिलकर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और प्रशासन जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जा रही है।

यात्रा के दौरान जन सुराज संगठन को नए सिरे से मजबूत करने पर भी जोर है। नेताओं के मुताबिक, यह चरण संगठनात्मक पुनर्गठन और नवनिर्माण की दिशा में अहम साबित हो रहा है। पार्टी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता मिलकर हर जिले में स्थानीय समस्याओं की पहचान कर रहे हैं और उनका दस्तावेजीकरण किया जा रहा है, ताकि आगे की political strategy इन्हीं इनपुट्स के आधार पर तैयार हो सके। जन सुराज का मानना है कि जनता से मिला public feedback भविष्य की नीतियों को जमीन से जोड़ने में मदद करेगा।

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बजट पर तीखा हमला और सरकार से सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार के 3 फरवरी 2026 को पेश किए गए बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने इसे “आर्थिक दिवालियापन का दस्तावेज” बताया। सौरभ कुमार ने सवाल उठाया कि क्या बिहार जैसे बड़े राज्य के बजट पर सिर्फ 12 मिनट की चर्चा पर्याप्त है। उनका कहना है कि यह रवैया सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है और विकास को लेकर उसकी गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।

पार्टी ने यह भी कहा कि pk return के साथ शुरू हो रही यह यात्रा केवल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि समाधान खोजने की कोशिश है। जन सुराज के मुताबिक, बजट में रोजगार सृजन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर ठोस रोडमैप की कमी दिखती है। यात्रा के दौरान इन्हीं मुद्दों पर लोगों की राय लेकर एक वैकल्पिक विकास मॉडल तैयार करने की योजना है। वहीं, pk return को लेकर पार्टी का कहना है कि यह कदम बिहार की राजनीति में नए विमर्श की शुरुआत कर सकता है, जहां सत्ता और विपक्ष से अलग जनता की आवाज को केंद्र में रखा जाएगा।

कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में यह बिहार भ्रमण राज्य की सियासत को नई दिशा दे सकता है। जनता से सीधे संवाद और जमीनी मुद्दों पर फोकस के साथ जन सुराज पार्टी खुद को एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है, जिस पर अब पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है।

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