Bihar News: दिल्ली में लालू यादव और कांग्रेस के आला नेताओं की तीन दिनों तक बैठक हुई, जिसमें सीट शेयरिंग की पेंच को सुलझाया गया। आज महागठबंधन की ओर से कौन पार्टी किस सीट से चुनाव लड़ेंगी, इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी।
लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जिस पूर्णिया सीट से महागठबंधन का टिकट पाने के लिए पप्पू यादव ने अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी (जाप) का कांग्रेस में विलय करा दिया, क्या उनकी ये मुराद पूरी होगी? क्योंकि एक तरफ वो इस जिद पर अड़े हैं और दूसरी तरफ लालू यादव ने बीमा भारती को पूर्णिया के लिए अपना सिंबल दे दिया है। वो चुनाव प्रचार में जुट भी गई हैं।
ऐसे में महागठबंधन से चुनाव लड़ने के लिए पप्पू यादव के पास क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं? इसे समझने से पहले पूरे घटनाक्रम की क्रोनोलॉजी समझिए
19 मार्च – पप्पू यादव देर रात राबड़ी आवास पहुंचते हैं। यहां
उनकी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात होती है। राजद सुप्रीमो ने उन्हें मधेपुरा से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया, लेकिन वे पूर्णिया पर अड़े रहे और बात नहीं बनी।
20 मार्च – सुबह पहले पप्पू यादव की ओर से लालू यादव के
साथ हुई मुलाकात की तस्वीर जारी की गई। इसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दोपहर को उन्होंने अपनी पार्टी जाप का कांग्रेस में विलय करा दिया। शर्त बस इतना था कि पूर्णिया की सीट से वे चुनाव लड़ेंगे। लगभग ये तय भी माना जा रहा था।
23 मार्च- इस दिन पप्पू यादव का पूरा खेल बिगड़ गया।
जदयू से रुपौली की विधायक बीमा भारती राबड़ी आवास पहुंची। यहां से उन्होंने पहले जदयू से इस्तीफा दिया, फिर राजद की सदस्यता ली। तेजस्वी यादव ने उन्हें राजद की सदस्यता दिलाई। पूर्णिया से उन्हें राजद का सिंबल भी मिल गया, लेकिन राजद और बीमा दोनों इसकी गोपनीयता बरकरार रखे।















