समस्तीपुर, बिहार में इस साल दशहरा का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। समस्तीपुर जिला दशहरा कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में रावण के 60 फीट के पुतले, 50 फीट के मेघनाथ और 45 फीट के कुंभकरण का निर्माण किया गया है। यह परंपरा 1955 से लगातार हर साल नवरात्रि के विजयदशमी के दिन आयोजित की जा रही है, जहां रावण का वध हाउसिंग बोर्ड मैदान में किया जाएगा।
रावण वध के लिए भव्य झांकी का निर्माण
इस वर्ष की झांकी में राम और लक्ष्मण के साथ-साथ भगवान शिव, हनुमान, राधा-कृष्ण के अलावा विभिन्न रूपों में राक्षस भी शामिल होंगे। जहां रावण का वध किया जाएगा, वहीं 100 फीट के दायरे में लंका नगरी का भव्य निर्माण भी किया जाएगा।
जुलूस का मार्ग और समय
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दशमी के दिन एक बजे, शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से राम, लक्ष्मण और सीता का जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम 5:00 बजे हाउसिंग बोर्ड मैदान पहुंचेगा, जहां रावण वध का मुख्य कार्यक्रम होगा।
हनुमान का विशेष आकर्षण
इस बार हनुमान जी भी खास आकर्षण का केंद्र होंगे, जो करीब 10 फीट लंबे गदा के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कार्यक्रम की लागत और सुरक्षा व्यवस्था
जिला दशहरा कमेटी के सचिन बलराज बवेजा ने बताया कि पहले रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले हाथ से बनाए जाते थे और तब यह बहुत सस्ता होता था। 50 साल पहले यह मात्र 50 हजार रुपए में तैयार हो जाता था। अब इस पूरे कार्यक्रम पर करीब 10 लाख से अधिक खर्च आता है। पटाखों के दामों में भी वृद्धि हुई है।
सुरक्षा के लिए तैनात होंगे जवान
समस्तीपुर समाचार के अनुसार, रावण वध के आयोजन स्थल हाउसिंग बोर्ड मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला पुलिस के 50 से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे, जबकि दशहरा कमेटी के वॉलेंटियर्स भी लोगों की सहायता के लिए मौजूद रहेंगे। बलराज बवेजा ने सभी से अपील की है कि वे दूर से रावण दहन का आनंद लें और कार्यक्रम के बाद सुरक्षित तरीके से अपने-अपने घरों को लौटें।
इस वर्ष का रावण वध न केवल समस्तीपुर के लिए एक परंपरा है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय को एकत्रित करने और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का भी एक माध्यम है।
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