फॉरेक्स मार्केट में आज भारतीय मुद्रा के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बाजार खुलते ही रुपये में जोरदार मजबूती देखने को मिली और यह एक ही कारोबारी सत्र में 1.2 प्रतिशत चढ़कर Dollar के मुकाबले 90.4 के स्तर तक पहुंच गया। सोमवार को रुपया 91.52 पर बंद हुआ था। यह तेजी ऐसे समय पर आई है, जब हाल ही में हुई टैरिफ डील को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और उसका सीधा असर मुद्रा बाजार पर नजर आ रहा है।
सरकार और वैश्विक व्यापार से जुड़े सकारात्मक संकेतों के बीच dollar, rupees की चाल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जानकारों के मुताबिक, यह उछाल सिर्फ एक दिन की हलचल नहीं बल्कि आने वाले समय के ट्रेंड का संकेत भी हो सकता है।
Dollar कमजोर, निवेशकों का भरोसा मजबूत
फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया टैरिफ डील ने बाजार की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। अमेरिका की ओर से टैरिफ में कटौती के बाद भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इसका असर विदेशी निवेशकों की सोच पर भी पड़ा है। लंबे समय से सतर्क रुख अपनाए हुए निवेशक अब दोबारा भारतीय बाजार की ओर देखने लगे हैं।
रुपये की मजबूती के पीछे एक अहम वजह डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी भी मानी जा रही है। वैश्विक स्तर पर डॉलर दबाव में है, जिसका फायदा उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को मिल रहा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी रुपये को सहारा दिया है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अगर आने वाले दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FII) का प्रवाह बढ़ता है, तो रुपया और मजबूत हो सकता है। हालांकि, बाजार आरबीआई की रणनीति पर भी नजर बनाए हुए है, क्योंकि केंद्रीय बैंक की भूमिका इस तेजी को संतुलित रखने में अहम होगी।
आगे की चाल पर किन फैक्टर्स की रहेगी नजर
भविष्य की बात करें तो रुपये की दिशा कई घरेलू और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। शेयर बाजार में जारी मजबूती, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक आर्थिक आंकड़े अहम भूमिका निभाएंगे। अगर महंगाई नियंत्रण में रहती है और आर्थिक ग्रोथ के संकेत मजबूत होते हैं, तो रुपये को अतिरिक्त सपोर्ट मिल सकता है।
हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी भी देते हैं कि फॉरेक्स मार्केट में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है। किसी भी नकारात्मक वैश्विक खबर या जियो-पॉलिटिकल तनाव का असर तुरंत मुद्रा पर दिख सकता है। इसलिए निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी देखकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
कुल मिलाकर, आज की तेजी ने बाजार को एक सकारात्मक संकेत जरूर दिया है। dollar के मुकाबले rupees की मजबूती से आयात पर निर्भर सेक्टर्स को राहत मिल सकती है, जबकि शेयर बाजार में भी इसका मनोवैज्ञानिक असर देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मजबूती कितनी टिकाऊ साबित होती है और क्या रुपया नए स्तरों को छू पाता है या नहीं।
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