Bangladesh–Pakistan: दक्षिण एशियाई राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जब 14 साल के लंबे अंतराल के बाद ढाका से कराची के लिए सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू हुई। यह कदम ऐसे समय पर आया है, जब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अंतरिम सरकार क्षेत्रीय संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश कर रही है। ढाका से उड़ी बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट BG341 कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुई, जहां उसका पारंपरिक वॉटर कैनन सल्यूट से स्वागत किया गया। इस घटनाक्रम को bangladesh, pakistan के रिश्तों में नई गर्माहट के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
14 साल बाद फिर शुरू हुई Bangladesh–Pakistan सीधी हवाई सेवा
करीब डेढ़ दशक पहले बंद हुई यह सेवा अब दोबारा शुरू की गई है। बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की यह फ्लाइट रात 8:15 बजे ढाका से रवाना हुई और 11:03 बजे कराची पहुंची। विमान में लगभग 150 यात्री सवार थे, जिनमें कारोबारी, छात्र और पारिवारिक यात्रियों की संख्या अधिक बताई गई। पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, यह उड़ान दोनों देशों के बीच संपर्क बहाल करने की दिशा में एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम है।
यात्रियों का कहना है कि सीधी उड़ान से समय और लागत दोनों की बचत होगी। खासतौर पर व्यापारियों के लिए यह सुविधा अहम मानी जा रही है। पहले यात्रियों को किसी तीसरे देश के जरिए जाना पड़ता था, जिससे यात्रा जटिल और महंगी हो जाती थी। अब सप्ताह में दो बार सीधी फ्लाइट चलाने की योजना है, जिससे लोगों के आवागमन में स्थिरता आएगी।
सत्ता परिवर्तन के बाद बदली विदेश नीति की दिशा
साल 2024 में छात्रों के हिंसक आंदोलनों के बाद शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरिम प्रशासन ने सत्ता संभाली। नई सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने विदेश नीति में संतुलन बदलने के संकेत दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा नेतृत्व भारत-केंद्रित नीति से हटकर क्षेत्रीय विकल्पों को टटोल रहा है। इसी कड़ी में पाकिस्तान के साथ रिश्तों को फिर से सक्रिय किया गया है।
इतिहास की बात करें तो 1971 में बांग्लादेश को आजादी दिलाने में भारत की निर्णायक भूमिका रही थी, जबकि पाकिस्तान के साथ संबंध लंबे समय तक तनावपूर्ण रहे। इसके बावजूद मौजूदा प्रशासन आर्थिक और रणनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हुए पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में कराची–चटगांव के बीच मालवाहक जहाजों की आवाजाही और इलाज के लिए पाकिस्तान जाने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या इसी बदलाव की ओर इशारा करती है। यहां bangladesh pakistan संबंधों को व्यावहारिक लाभ के नजरिए से देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय असर और आगे की संभावनाएं
सीधी उड़ानों की बहाली केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश भी है। इससे व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह पहल स्थायी रहती है, तो दक्षिण एशिया में नए आर्थिक कॉरिडोर और सहयोग के अवसर खुल सकते हैं।
हालांकि, इस बदलाव का असर क्षेत्रीय संतुलन पर भी पड़ेगा। भारत-बांग्लादेश संबंधों के संदर्भ में यह कदम नई बहस को जन्म दे सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह नजदीकी केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित रहती है या रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ती है। फिलहाल, 14 साल बाद शुरू हुई यह उड़ान दक्षिण एशियाई राजनीति में एक नई चर्चा का केंद्र बन चुकी है।
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