समस्तीपुर: समस्तीपुर में सिख समुदाय ने गुरुवार की सुबह गुरुद्वारा साहिब से नगर कीर्तन का भव्य आयोजन किया, जो सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव को समर्पित था। यह नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा और अंत में गुरुद्वारा साहिब में समाप्त हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु नानक देव जी के उपदेशों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
शब्द कीर्तन और गुरु का लंगर से संगत हुई निहाल
गुरुद्वारा साहिब पहुंचने पर भाई सुरजीत सिंह और हर दमन सिंह ने शब्द कीर्तन का आयोजन किया। इस दिव्य कीर्तन से पूरी संगत को निहाल किया गया, और श्रद्धालुओं में अध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। कीर्तन के बाद गुरु का लंगर सेवा शुरू की गई, जिसमें भक्तों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। लंगर में हर किसी के लिए भोजन की व्यवस्था की गई, जोकि सिख समुदाय की सेवा भावना को दर्शाता है।
इससे पूर्व, बुधवार की रात गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ प्रारंभ हुआ था, जिसमें विशेष रूप से पटना साहिब से आए ग्रंथियों ने हिस्सा लिया। उनके आगमन से कार्यक्रम में विशेष श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। सिख समुदाय ने एकता और सेवा की भावना से इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जो पूरे नगर के लोगों के लिए प्रेरणादायक था।
15 नवंबर को विशाल गुरु का लंगर का आयोजन
प्रबंधक कमेटी की ओर से जानकारी दी गई कि 15 नवंबर को एक विशाल गुरु का लंगर भी आयोजित किया जाएगा। इसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, और सभी के लिए भोजन, सेवा और सत्संग की विशेष व्यवस्था की जाएगी।





















