Drishyam 3: जीतू जोसेफ एक बार फिर से दर्शकों के सामने अपनी नयी फिल्म दृश्यम 3 को लेकर वापस आ गए है। मूवी 21 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ओपनिंग डे पर मूवी ने 15 करोड़ रुपये की कमाई की। मेकर्स उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वीकेंड पर मूवी की कमाई डब हो जाएगी। फिल्म में जॉर्जकुट्टी अपनी पुरानी चालों पर लौट आया है। पहली दो फिल्मों में अधिकारियों से बच निकलने के बाद उसे एक बार फिर अपने परिवार पर अतीत का खतरा मंडराता हुआ दिखता है, और उसे उन्हें बचाने के लिए नए तरीके खोजने होंगे।

क्या है दृश्यम 3 की कहानी?

जॉर्जकुट्टी की पत्नी, रानी और उनके बच्चे अंजू और अनु दृश्यम और दृश्यम 2 की घटनाओं से आगे बढ़ चुके हैं। थेरेपी की मदद से अंजू को अब दौरे नहीं पड़ते जैसा कि पहले होता था। अनु अब बड़ी हो गई है एक तेज-तर्रार लड़की जो अपने माता-पिता के पुराने ख्यालों पर सवाल उठाती है। रानी अब अपने घर का नवीनीकरण करवाने के लिए तैयार है क्योंकि अब उन्हें पैसों की कोई तंगी नहीं है। जॉर्जकुट्टी भी काफी खुशहाल जिंदगी जी रहा है। वह एक फिल्म प्रोड्यूसर है। वह अंजू की शादी करवाना चाहता है, ताकि वह भी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ सके। इन सबके पीछे वह अपने परिवार को बचाने के लिए किए गए कामों के दबाव में अंदर से टूट रहा है। उसे डर है कि कहीं वे उसे एक अपराधी न समझने लगे।

दृश्यम 3 का अंत

दृश्यम 3 में कुछ पुराने किरदारों की वापसी होती है। वरुण के माता-पिता, गीता और प्रभाकर अब भी अपने बेटे के गम में डूबे हुए हैं। प्रभाकर अब कुछ साबित करने की ठान चुका है, क्योंकि गीता का मानना ​​है कि अंजू के हाथों उनके बेटे की हत्या होने के बाद प्रभाकर ने उसे इंसाफ दिलाने के लिए काफी कुछ नहीं किया। निलंबित पुलिस अधिकारी सहदेवन जिसने पहली फिल्म में हिरासत के दौरान इस परिवार को खूब प्रताड़ित किया था अब शराब का आदी हो चुका है। इस बार वह बदले की आग में जलता हुआ वापस लौटा है। दोनों गीता के दोस्त बास्टियन की मदद से बदला लेने के लिए हाथ मिला लेते हैं जिसने इस केस को फिर से खोला था।

जॉर्जकुट्टी निकला एक कदम और आगे

प्रभाकर चाहता है कि अंजू को अपने किए की सजा मिले, इसलिए वह एक ऐसी साजिश रचता है जिसमें अंजू को एक ऐसे जुर्म में फंसाया जा सके जो उसने किया ही नहीं। वह वरुण के केस से जुड़े कानूनी मामलों में उलझाकर जॉर्जकुट्टी का ध्यान भटका देता है, ताकि उसे पता न चले कि असल में क्या होने वाला है। लेकिन जब जॉर्जकुट्टी को इस बात का पता चलता है, तो वह एक कदम और आगे बढ़ जाता है। वह पहले से ही छेड़छाड़ किए गए क्राइम सीन में और फेरबदल कर देता है और अपनी ही बेटी को एक पीड़ित के तौर पर दिखाने के लिए उसे शारीरिक चोट पहुंचाने से भी नहीं हिचकिचाता। प्रभाकर के खिलाफ सबूत होने के बावजूद वह वरुण की मौत के जुर्म में जेल जाने के लिए तैयार हो जाता है बशर्ते उसका परिवार सुरक्षित रहे। वह प्रभाकर को चेतावनी भी देता है कि वह उसके परिवार को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचाए।

क्या ‘दृश्यम 4’ भी आएगी?

जैसे ही जॉर्जकुट्टी की गिरफ्तारी के साथ यह लंबे समय से अनसुलझा केस किसी नतीजे पर पहुंचता है, ‘दृश्यम 3’ इस इशारे के साथ खत्म होती है कि अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है। जब प्रभाकर गीता से पूछता है कि क्या अब उसे तसल्ली मिल गई है, तो वह जवाब देती है कि वह अंजू को उसके किए की सजा भुगतते हुए देखना चाहती है। हालांकि फिल्म के आखिर में ‘दृश्यम 4’ की घोषणा करने वाला कोई खास टाइटल कार्ड नहीं आता, लेकिन इसका ‘ओपन एंडिंग’ कहानी की अगली कड़ी के लिए जमीन तैयार कर देता है। इस बात का संकेत देता है कि इस परिवार की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।

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