दरभंगा, बिहार में एक दुखद घटना में 66 वर्षीय बुजुर्ग छोटे सहनी की मौत हो गई, जिसे जहरीली शराब (poisonous liquor) पीने से जोड़कर देखा जा रहा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि छोटे सहनी हमेशा शराब के नशे में रहते थे। यह घटना 27 अक्टूबर को हुई, जब बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें पहले सिंहवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया, जहां से उन्हें दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मामला सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के रामपुर पंचायत के वार्ड-9, तारा टोला का है। मृतक के परिवार ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा लिया है और अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं।

छोटे सहनी के आठ बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी और सात बेटे शामिल हैं। उनके बेटे शंभू साहनी, रमेश कुमार, राज कुमार और जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पिता पूरे दिन शराब के नशे में रहते थे और उस दिन भी नशे में थे। परिवार का आरोप है कि जहरीली शराब पीने के कारण ही उनकी मौत हुई है।

सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने पुष्टि की कि वृद्ध की जान जहरीली शराब (poisonous liquor) पीने से गई है। उन्होंने कहा कि वृद्ध ने फेराडोल नामक एक टैबलेट खाई थी, जिसकी जानकारी उनके बेटे ने चिकित्सक को दी थी।

गाँव में गिरने-पड़ने की अक्सर मिलती थी सूचना

मृतक की बेटी 35 वर्षीय माला देवी ने कहा कि पिता की मौत की सूचना के बाद वह अपने पति के साथ मायके पहुंची। उन्होंने बताया कि उनके पिता रोज शराब का सेवन करते थे और अक्सर गाँव में गिरने-पड़ने की घटनाएँ होती थीं, जिसके बाद उन्हें घर लाया जाता था। माला देवी ने स्पष्ट किया कि जहरीली शराब ने ही उनके पिता की जान ली है।

मृतक की पत्नी 54 वर्षीय पवन देवी ने भी अपनी चिंता व्यक्त की और कहा, “अब मुझे कौन देखेगा। मना करने पर भी वह रोज शराब के नशे में आकर झगड़ा करते थे। पुलिस (POLICE) प्रशासन इस मामले में कुछ नहीं कर रहा है।”

सदर एसडीपीओ-2 ज्योति कुमारी ने कहा कि वृद्ध की मौत कीटनाशक दवा खाने से हुई है। उनके पुत्र ने भी पुलिस (POLICE) को इसी जानकारी दी थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक ने भी बताया कि वृद्ध को जब भर्ती कराया गया, तो उनके लक्षण कीटनाशक के लग रहे थे।

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