बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर चल रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। लालू प्रसाद यादव की बेटी और राजद नेता rohini acharya ने अपने भाई और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों में उन्होंने पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया और खुले मंच पर सवालों का सामना करने की चुनौती दी। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब हालिया चुनावी नतीजों के बाद पार्टी आत्ममंथन के दौर से गुजर रही है।
राजद में क्यों बढ़ा अंदरूनी टकराव? Rohini Acharya के तीखे सवालों से मचा सियासी घमासान
हाल के महीनों में राजद को चुनावी मोर्चे पर लगातार झटके लगे हैं। इसी पृष्ठभूमि में पार्टी के भीतर जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है। Rohini Acharya ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्होंने संगठन और कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत को नजरअंदाज किया। उनका कहना है कि समीक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा हुआ, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
Rohini Acharya यह भी सवाल उठाया कि चुनावों के बाद तैयार की गई समीक्षा रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। यदि रिपोर्ट में किसी की भूमिका पर सवाल उठे हैं, तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई—यह प्रश्न आज हर समर्पित कार्यकर्ता के मन में है।
इस बयान ने राजद के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक ढांचे पर बहस को और तेज कर दिया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता निजी तौर पर मानते हैं कि लगातार हार के बाद पारदर्शी समीक्षा जरूरी है। वहीं समर्थकों का एक वर्ग इसे परिवार के भीतर का मतभेद मानकर नजरअंदाज करने की बात कह रहा है। लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही बहस से साफ है कि यह मुद्दा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संगठन के भविष्य से जुड़ा हुआ है।















