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Samastipur News

Pappu Yadav Controversy: रात 11 बजे से पटना में पुलिस रेड

Patna News: Pappu Yadav की आधी रात गिरफ्तारी से बिहार की राजनीति में हलचल। 35 साल पुराने केस, वारंट विवाद और पुलिस कार्रवाई की पूरी जानकारी पढ़ें।

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पटना, 7 फरवरी 2026 — बिहार की राजनीति में शुक्रवार देर रात उस वक्त जबरदस्त हलचल मच गई, जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद Pappu Yadav के पटना स्थित आवास पर पुलिस की अचानक एंट्री हुई। दिल्ली से लौटते ही आधी रात को हुई इस कार्रवाई ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि राजनीतिक हलकों में भी तीखी बहस छेड़ दी। मामला देखते ही देखते हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया, जिसमें गिरफ्तारी, वारंट, समर्थकों का हंगामा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शामिल रहे।

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Pappu Yadav: आधी रात पुलिस की दबिश और वारंट पर विवाद

लोकसभा सत्र समाप्त होने के बाद जैसे ही Pappu Yadav सांसद पटना पहुंचे, उनके आवास के बाहर सिविल ड्रेस में पुलिस अधिकारी और पांच थानों की टीम तैनात हो गई। पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तत्काल गिरफ्तारी की बात कही। हालांकि, सांसद का दावा रहा कि उन्हें गिरफ्तारी वारंट नहीं, बल्कि केवल संपत्ति कुर्की से जुड़ा नोटिस दिखाया गया। इसी बिंदु पर पुलिस और सांसद के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप बताया, जबकि सांसद पक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।

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‘ये मुझे मारने आए हैं’—समर्थकों का हंगामा

गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस आधी रात उन्हें थाने ले जाना चाहती है, जो असुरक्षित है। उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। नारेबाजी, पुलिस वाहनों के आगे खड़े होने और धक्का-मुक्की जैसी घटनाओं के बाद अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। सांसद ने मीडिया के सामने हाउस अरेस्ट की मांग करते हुए कहा कि वह सुबह स्वयं कोर्ट में पेश होंगे, लेकिन पुलिस अपने रुख पर अड़ी रही।

35 साल पुराना मामला और बेल शर्तों का उल्लंघन

पुलिस के अनुसार, यह मामला साल 1995 का है और गर्दनीबाग थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि एक मकान को किराए पर लेकर उसे निजी उपयोग के बजाय राजनीतिक कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया। इस केस में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और साजिश जैसी धाराएं लगी थीं। मामला MP-MLA विशेष अदालत में लंबित था। पुलिस का कहना है कि बार-बार कोर्ट में पेश न होने के कारण बेल शर्तों का उल्लंघन हुआ, जिसके बाद गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया। कार्रवाई के बाद सांसद को मेडिकल जांच के लिए IGIMS ले जाया गया।

राजनीतिक साजिश बनाम कानूनी प्रक्रिया

गिरफ्तारी के बाद सांसद ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उनका कहना है कि हाल के दिनों में उन्होंने छात्र आंदोलनों और सामाजिक मुद्दों पर सरकार को घेरा था, इसी वजह से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह न्यायालय के आदेशों का पालन है और इसमें किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।

आगे की राह : फिलहाल सांसद पुलिस हिरासत में हैं और शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। जमानत पर फैसला क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। आधी रात की यह कार्रवाई न केवल कानून और राजनीति के टकराव को उजागर करती है, बल्कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में इसके दूरगामी असर भी देखने को मिल सकते हैं।

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Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|
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