Bhojpur District के कोईलवर थाना क्षेत्र के महादेवचक सेमरिया गांव में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें खेत की सिंचाई करने जा रहे एक किसान की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से गांव में अफरातफरी मच गई, और मृतक के परिजन व ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।

करंट की चपेट में आने से खेत जाते समय हुआ हादसा

मृतक किसान का नाम जय कुमार चौधरी था, जो महादेवचक सेमरिया गांव के निवासी भविखन प्रसाद के 48 वर्षीय पुत्र थे। वे पेशे से किसान थे और रोजाना की तरह गुरुवार सुबह भी खेतों की सिंचाई के लिए निकले थे। खेत जाने के रास्ते में एक बिजली के खंभे से उनका हाथ सट गया, जिससे उन्हें करंट का झटका लगा और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद तुरंत आसपास के लोगों ने इस घटना की जानकारी उनके परिवार को दी।

सदर अस्पताल लाने के दौरान हुई किसान की मौत

घटना के बाद परिवार के लोग तुरंत जय कुमार चौधरी को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। रास्ते में ही जय कुमार चौधरी ने दम तोड़ दिया। आरा सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जय कुमार की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, और लोग इस हादसे को लेकर हैरान थे।

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परिवार में शोक की लहर

जय कुमार चौधरी के छोटे भाई शिव कुमार चौधरी ने बताया कि घटना के वक्त वह अपने खेत की सिंचाई के लिए गए थे और अचानक हाथ बिजली के खंभे से लग गया, जिससे उन्हें करंट लग गया। इसके बाद वह गिर पड़े और बेहोश हो गए। परिवार के लोगों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें आरा अस्पताल लाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही उनकी जान चली गई।

जय कुमार चौधरी की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। ऐसे में इस हादसे के बाद परिवार के ऊपर और भी कठिनाइयाँ आ गई हैं।

बिजली के खंभों के पास सुरक्षा का अभाव

इस हादसे से एक बार फिर यह सवाल उठता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभों के पास सुरक्षा के उपायों की कमी है। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली के खंभों के आसपास सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

साथ ही, बिजली विभाग को भी इस दिशा में सुधार करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना से लोगों की जान न जाए।

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प्रशासन से मदद की मांग

ग्रामीणों ने इस घटना के बाद प्रशासन से मदद की मांग की है, ताकि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा मिल सके। इसके साथ ही, बिजली के खंभों के पास सुरक्षा बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की भी अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

समाज में बढ़ती सुरक्षा की आवश्यकता

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में जीवन की सुरक्षा के लिए अभी भी कई सुधारों की आवश्यकता है। बिजली के खंभों के पास सुरक्षा के साधन न होना, खेतों में सिंचाई करते समय किसानों को जोखिम का सामना करना और बिजली के तारों के पास उचित जानकारी न होना, ये सब ऐसे कारण हैं जिनके चलते इस तरह के हादसे हो रहे हैं।

किसान देश की रीढ़ होते हैं और उनके जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि हम अपने किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और हर संभव उपाय करें ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

निष्कर्ष

भोजपुर जिले के महादेवचक सेमरिया गांव में हुई इस दुखद घटना ने यह दिखा दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की कितनी अहमियत है। जय कुमार चौधरी की जान जाने के बाद उनके परिवार और गांव में गहरा दुख है। प्रशासन को इस मामले में उचित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करना चाहिए। साथ ही, किसानों के लिए सुरक्षा के बेहतर उपायों की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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