सरकार का तोहफा: बिहार सरकार ने राज्य की जनता को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब राज्य में पथ निर्माण विभाग की सड़कों और पुलों में आई किसी भी खराबी की शिकायत आम लोग ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। सरकार की इस पहल से सड़कों की खराबी को दूर करने में तेजी आएगी और इसकी पूरी जानकारी शिकायतकर्ता के साथ-साथ उच्च अधिकारियों को भी दी जाएगी।
ऑनलाइन होगी सड़कों की शिकायत
सरकार का तोहफा: बुधवार को उपमुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पथ-पुल संधारण लोक शिकायत निवारण प्रणाली का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि अब आम जनता को खराब सड़कों और पुलों की शिकायत ऑनलाइन करने की सुविधा मिलेगी। इस नई व्यवस्था के तहत संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार को शिकायत की जांच कर 3 से 7 दिन के अंदर उसे ठीक करना होगा। मरम्मत होने के बाद इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और शिकायतकर्ता को दी जाएगी।
नहीं होगी लापरवाही, होगी सख्त कार्रवाई
यदि तय समय सीमा में ठेकेदार और इंजीनियर सड़कों या पुलों की मरम्मत नहीं करते, तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे विभाग में पारदर्शिता आएगी और सड़कों का रखरखाव बेहतर तरीके से हो सकेगा।
कॉल सेंटर की सुविधा जल्द
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में सड़कों और पुलों से जुड़ी शिकायतों को प्राप्त करने के लिए एक कॉल सेंटर भी बनाया जाएगा। यहां शिकायतें दर्ज करने के साथ-साथ कॉल रिकॉर्डिंग की भी सुविधा होगी, ताकि समस्या समाधान के बाद शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी दी जा सके। इससे जनता को और अधिक पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।
ठेकेदारों को दी जाती है रखरखाव की जिम्मेदारी
पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत लगभग 9500 किमी लंबी सड़कों का रखरखाव ओपीआरएमसी (ऑउटपुट एंड परफॉरमेंस बेस्ड रोड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) के तहत किया जा रहा है। इसके तहत सड़कों के निर्माण के साथ ही अगले सात साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदारों को दी जाती है। पहले केवल क्षेत्रीय अभियंता ही सड़कों की खराबी को मोबाइल ऐप पर अपलोड कर सकते थे, लेकिन अब आम जनता को भी यह सुविधा दी गई है।















