Bihar News Today Hindi: Waqf Amendment Bill नमस्कार मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से आपको बताते चले की वक्फ संशोधन विधेयक पर बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता कासिम अंसारी ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, जदयू के स्थानीय नेताओं का कहना है कि वह पार्टी में थे ही नहीं। ऐसे में सवाल उठता है कि इस्तीफा किस बात का? आइए जानते हैं कासिम अंसारी कौन हैं और उनके राजनीतिक सफर के बारे में।
Waqf Amendment Bill: कासिम अंसारी कौन हैं? (Who is Qasim Ansari?)
कासिम अंसारी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से हैं और पेशे से BAMS डॉक्टर हैं। उन्होंने मोतिहारी के जानपुल चौक पर अपना क्लिनिक खोला था, लेकिन वह ज्यादा सफल नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने ढाका के आजाद चौक पर ‘जनता हॉस्पिटल’ के नाम से एक नया क्लिनिक खोला, लेकिन यहां भी उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और AIMIM से जुड़ने की कोशिश की, लेकिन टिकट नहीं मिला। फिर उन्होंने आम आदमी पार्टी का रुख किया, लेकिन वहां भी सफलता हाथ नहीं लगी। अंत में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और मात्र 499 वोटों के साथ अपनी जमानत जब्त करवा बैठे।
जदयू में थे ही नहीं, तो इस्तीफा क्यों? (Was He Even in JDU?)
जदयू के ढाका प्रखंड अध्यक्ष नेहाल अख्तर और जिलाध्यक्षा मंजू देवी के अनुसार, कासिम अंसारी जदयू के सदस्य ही नहीं थे। उनके मुताबिक, यह महज एक पब्लिसिटी स्टंट है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुछ समय पहले कासिम अंसारी ने जदयू के जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता के रूप में खुद को प्रचारित किया था, लेकिन पार्टी ने कभी आधिकारिक रूप से उन्हें इस पद पर नियुक्त नहीं किया।
चुनावी प्रदर्शन (Electoral Performance)
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कासिम अंसारी ने ढाका विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। इस सीट पर कुल 321,111 मतदाताओं में से उन्हें मात्र 499 वोट मिले, जिससे उनकी जमानत जब्त हो गई। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पवन कुमार जायसवाल ने जीत हासिल की थी, जिन्हें 99,792 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर राष्ट्रीय जनता दल () के फैसल रहमान रहे, जिन्हें 89,678 वोट मिले थे।















