Bihar Fakes Wifes Death Certificate: पटना जिले के धनरूआ प्रखंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक पति ने अपनी जीवित पत्नी को मरा घोषित कर दिया और फिर दूसरी शादी कर ली। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पत्नी निशा देवी ने RTI के तहत जानकारी मांगी। जवाब में सामने आया कि उनका मृत्यु प्रमाण पत्र 24 फरवरी 2023 को बना दिया गया था। अब पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में है और जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

ये घटना न सिर्फ एक वैवाहिक धोखे की कहानी है, बल्कि सरकारी सिस्टम के गलत इस्तेमाल की एक बड़ी मिसाल भी है। आज भी देश के कई हिस्सों में महिलाएं ऐसी ही साजिशों का शिकार होती हैं, जहां उन्हें सामाजिक और कानूनी रूप से दबाने की कोशिश होती है। ये मामला हमें ये सोचने पर मजबूर करता है कि हम तकनीक और कागज़ी प्रक्रियाओं के भरोसे कब तक बैठे रहेंगे? RTI जैसे अधिकारों का सही उपयोग कर महिलाएं आज अपना हक पाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं – और यही उम्मीद की असली किरण है।

पति ने कराई जिंदा पत्नी की मौत की एंट्री

धनरूआ प्रखंड के मुस्तफापुर गांव निवासी शिवरंजन कुमार ने अपनी पत्नी निशा देवी को मृत घोषित कर दूसरा विवाह रचा लिया। पत्नी ने जब अपने मृत्यु प्रमाणपत्र की जानकारी RTI के ज़रिए मांगी, तो सामने आया कि 24 फरवरी 2023 को उनका फर्जी death certificate जारी कर दिया गया था। इस मामले ने Patna crime news की सुर्खियों में जगह बना ली है।

RTI से हुआ बड़ा खुलासा

निशा देवी वर्तमान में बेगूसराय जिले के वार्ड 8 में रहती हैं। उन्होंने RTI के तहत जानकारी मांगी कि उनके नाम पर मृत्यु प्रमाणपत्र कैसे जारी हुआ। प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी ने 22 जुलाई को इसकी पुष्टि करते हुए रिपोर्ट भेजी कि उनके नाम से फरवरी 2023 में प्रमाणपत्र बना था। यही नहीं, Patna में यह भी सामने आया कि इस प्रक्रिया में पंचायत सचिव, मुखिया और कई fake witnesses ने फर्जीवाड़ा किया था।

मुखिया से लेकर गवाह तक सब फर्जी

प्रमाणपत्र की जांच में देवदाहा पंचायत की मुखिया शांति देवी, सचिव दीपू यादव, और कई स्थानीय लोगों ने मृत घोषित करने में भूमिका निभाई। गवाहों में हरेराम शर्मा, उदय शर्मा, राधेश्याम और किरण देवी का नाम भी सामने आया है। इन सबकी भूमिका संदिग्ध है, जिससे साफ होता है कि यह एक planned second marriage fraud था।