पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षाकोष ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन कुछ शिक्षक इस प्रणाली में धांधली कर रहे हैं। ताजा मामला बेतिया जिले का है, जहां शिक्षकों द्वारा बार-बार एक ही फोटो अपलोड कर हाजिरी में गड़बड़ी की गई है।
गड़बड़ी का खुलासा और कार्रवाई की तैयारी
शिक्षा विभाग ने पाया है कि कुछ शिक्षक स्कूल परिसर के 500 मीटर के अंदर से लाइव फोटो अपलोड करने के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, वे बार-बार एक ही फोटो अपलोड कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे स्कूल में उपस्थित नहीं थे।
शिक्षा विभाग के अपर सचिव, सुबोध कुमार चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी में शामिल शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और उनकी सेवा पुस्तिका में इस कृत्य को दर्ज किया जाएगा।
सख्त निर्देश और जांच प्रक्रिया
शिक्षकों के लिए यह आवश्यक है कि वे स्कूल परिसर के अंदर से ही लाइव फोटो अपलोड करें।
दोषी पाए जाने पर शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को निर्देश दिया गया है कि वे मामलों की जांच करें और दोषियों पर कार्रवाई करें।
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निरीक्षण अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव
शिक्षा विभाग ने यह भी साफ किया है कि अगर निरीक्षण अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतते हैं, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम।
ई-शिक्षाकोष ऐप का उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति को पारदर्शी और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। विभाग का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी से शिक्षा की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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