Bihar Assembly Elections 2025 Nathnagar Seat एक बार फिर से सुर्खियों में है। जेडीयू का गढ़ मानी जाने वाली यह सीट पिछले चुनाव में आरजेडी के खाते में चली गई थी। लेकिन इस बार एनडीए का पलड़ा भारी माना जा रहा है। सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति पर सबकी नज़रें टिकी हुई हैं।
नाथनगर सीट का सियासी इतिहास
नाथनगर विधानसभा सीट 1967 में अस्तित्व में आई। अब तक यहां 15 बार चुनाव हो चुके हैं। जेडीयू ने सबसे ज़्यादा छह बार जीत हासिल की है। 2020 में पहली बार यह सीट आरजेडी के खाते में गई। कांग्रेस तीन बार और जनता दल दो बार यहां जीत दर्ज कर चुके हैं। भारतीय जनसंघ और लोकदल को भी एक-एक बार जीत मिली थी। 2019 के उप-चुनाव में जेडीयू ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 2020 विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने कब्जा कर लिया।
यहां यह भी ध्यान रखना होगा कि नाथनगर विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की रणनीति भी असर डाल सकती है। अगर उन्होंने हर सीट पर वोटों में सेंध लगाई, तो सीधा फायदा या तो आरजेडी या जेडीयू को मिल सकता है।
एनडीए के लिए अंदरूनी कलह बड़ी चुनौती
नाथनगर विधानसभा चुनावों में इस बार एनडीए की एकता सबसे अहम मुद्दा है। जेडीयू, बीजेपी और लोजपा रामविलास के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनती है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा। पिछली बार चिराग पासवान की बगावत के कारण जेडीयू को हार का सामना करना पड़ा था। अब जबकि चिराग पासवान एनडीए के साथ हैं, इस बार नतीजे एनडीए के पक्ष में जा सकते हैं।























