बिहार के हाजीपुर में एक दिलचस्प और अनोखी शादी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने दुल्हन के बिना लौटी बारात को दोबारा बुलवाकर शादी करवाई। इस मामले में पुलिस के हस्तक्षेप की काफी सराहना हो रही है।
घटना वैशाली जिले के चकिया गांव की है, जहां एक शादी समारोह के दौरान दूल्हा और दुल्हन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ा कि दूल्हा पक्ष ने बारात को बिना दुल्हन के वापस भेजने का फैसला लिया। इससे दुल्हन के पिता बहुत नाराज हो गए और रोने लगे।
पुलिस की तत्परता से सुलह
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जैसे ही इस विवाद की जानकारी वैशाली थाना के थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार को मिली, उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई की। प्रवीण कुमार दूल्हे के घर पहुंचे और दोनों परिवारों के बीच सुलह कराने की कोशिश की। उन्होंने परिवारवालों से बातचीत की और उन्हें शादी को लेकर राजी किया। इसके बाद थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार खुद बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचे, जहां दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ और खुशी-खुशी शादी संपन्न हो गई।
दूल्हा-दुल्हन के घर की नजदीकी और विवाद
दूल्हा प्रकाश और दुल्हन नीलम के घर के बीच की दूरी महज 5 किलोमीटर थी। शादी के दौरान कुछ छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हुआ, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों ने मामले को सुलझाया और शादी के लिए सहमति जताई।
पुलिस के सकारात्मक रवैये की सराहना
पुलिस के इस सकारात्मक कदम के लिए स्थानीय लोग और शादी में शामिल लोग पुलिस की तारीफ कर रहे हैं। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार के तत्पर हस्तक्षेप से न सिर्फ एक विवाद का समाधान हुआ, बल्कि दोनों परिवारों को एक नई शुरुआत का मौका मिला। पुलिस के इस मानवीय पहलू की सोशल मीडिया पर भी खूब सराहना हो रही है।
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी पुलिस का दखल परिवारों के बीच के विवादों को सुलझाने और खुशियों को बरकरार रखने के लिए आवश्यक हो सकता है।
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