देश के Airport Food Price पर महंगे खाने-पीने के सामान को लेकर लंबे समय से उठ रही शिकायतों के बीच अब राहत की खबर सामने आई है। संसद में मुद्दा उठाए जाने के बाद एयरपोर्ट्स पर सस्ती दरों पर पानी और स्नैक्स उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। यात्रियों की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने के इस कदम को आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
Airport Food Price: पर संसद में उठा मुद्दा
हाल के दिनों में Airport Food Price को लेकर बहस तेज हुई थी। यात्रियों का कहना था कि सामान्य बाजार में 10 या 20 रुपये में मिलने वाली पानी की बोतल एयरपोर्ट के अंदर कई गुना महंगी बिकती है। यही स्थिति चाय, कॉफी और स्नैक्स की भी रही। इस विषय को संसद में उठाया गया, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों ने सस्ती दरों पर बेसिक फूड आइटम उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू किया।
सूत्रों के अनुसार, Airport अथॉरिटी अब ₹10 में पीने का पानी और कम कीमत वाले स्नैक्स की व्यवस्था करने पर विचार कर रही है। यह कदम खासकर मिडिल क्लास फैमिली, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत भरा हो सकता है।इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाने वालों में Raghav Chadda का नाम भी सामने आया, जिन्होंने यात्रियों की परेशानी को सार्वजनिक हित से जोड़कर पेश किया। उनके मुताबिक, हवाई यात्रा अब केवल सुविधा नहीं बल्कि जरूरत बन चुकी है, इसलिए बेसिक सुविधाएं भी सुलभ होनी चाहिए।
सस्ती हवाई यात्रा की दिशा में बड़ा कदम
Airport पर Affordable airport food की व्यवस्था सिर्फ पैसों की बचत का मामला नहीं है। यह यात्रियों की गरिमा और सुविधा से जुड़ा मुद्दा है। लगातार बढ़ती एयर ट्रैवल डिमांड के बीच यह जरूरी हो गया है कि बुनियादी जरूरतें लक्जरी न बनें।Aviation policy और Passenger rights जैसे विषय अब अधिक चर्चा में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मॉडल सफल होता है तो इसे देश के सभी प्रमुख एयरपोर्ट्स पर लागू किया जा सकता है।
हालांकि, अब सबसे अहम सवाल Implementation और मॉनिटरिंग का है। क्या हर एयरपोर्ट पर वास्तव में सस्ती दरों पर पानी और स्नैक्स मिलेंगे? क्या निजी ऑपरेटर इस नीति का पालन करेंगे?यात्रियों को भी जागरूक रहना होगा। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली जाती है तो शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। यह कदम उपभोक्ता अधिकार और पारदर्शिता को मजबूत करेगा।
आगे क्या? यह पहल Public accountability का उदाहरण मानी जा रही है। जब आम लोगों के मुद्दे संसद तक पहुंचते हैं तो बदलाव संभव होता है।अगर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है तो यह Indian airports में एक स्थायी सुधार बन सकता है। आने वाले महीनों में इसकी प्रगति पर सभी की नजर रहेगी।
सस्ती दरों पर पानी और भोजन की उपलब्धता न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ाएगी, बल्कि यह भी संदेश देगी कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संवाद जरूरी है।हवाई यात्रा अब आम भारतीय की जिंदगी का हिस्सा है। ऐसे में basic facilities को सुलभ बनाना समय की मांग है।
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