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Samastipur News

Gwalior में बड़ा हादसा या बड़ी लापरवाही?100 टन का गर्डर गिरा, चीन की मशीन पर सवाल!

Gwalior में एलीवेटेड रोड निर्माण के दौरान 100 टन का गर्डर गिरा। हादसे के बाद मशीन और निर्माण गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल।

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मध्यप्रदेश के Gwalior में एक बड़ा हादसा सामने आया, जिसने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia के ड्रीम प्रोजेक्ट एलीवेटेड रोड के निर्माण के दौरान करीब 100 टन वजनी गर्डर अचानक गिर गया।इस घटना में एक मजदूर घायल हुआ, जबकि बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इस पूरे मामले में इस्तेमाल हो रही मशीनों और सुरक्षा मानकों को लेकर अब बहस तेज हो गई है।

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Gwalior: हादसा कैसे हुआ और क्या थी वजह?

घटना खेड़ापति मंदिर के पास निर्माणाधीन एलीवेटेड रोड साइट की है। बताया जा रहा है कि जब भारी-भरकम गर्डर को पिलर पर रखा जा रहा था, तभी अचानक मशीन फेल हो गई और गर्डर नदी में जा गिरा।पीडब्ल्यूडी ब्रिज के अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोलिक मशीन के जैक का पाइप फट गया, जिससे मशीन ने काम करना बंद कर दिया और यह हादसा हो गया।

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हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों तरफ से रास्ते पहले ही बंद कर दिए गए थे, जिससे कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।लेकिन सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी परियोजना में इस्तेमाल हो रही मशीनों की गुणवत्ता की जांच पहले क्यों नहीं की गई?

चीन की पुरानी मशीनों पर क्यों उठ रहे सवाल?

इस हादसे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे पर हो रही है, वह है इस्तेमाल की गई मशीन। सूत्रों के मुताबिक, यह हाइड्रोलिक मशीन सेकंडहैंड थी और इसका निर्माण चीन में हुआ था।आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि ऐसी मशीनें कबाड़ होने के बाद भारत जैसे देशों में भेज दी जाती हैं। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ एक तकनीकी नहीं बल्कि गंभीर सुरक्षा और नीति का मामला बन जाता है।

आत्मनिर्भरता की बात करने के बीच विदेशी पुरानी मशीनों का इस्तेमाल कई सवाल खड़े करता है। क्या इन मशीनों की जांच होती है? क्या इनके इस्तेमाल की कोई तय गाइडलाइन है?इन सवालों के जवाब अभी तक साफ नहीं हैं।

राजनीतिक बयान और आगे की कार्रवाई

हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया और निष्पक्ष जांच की मांग की।वहीं ऊर्जा मंत्री Pradyumn Singh Tomar ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।प्रशासन का कहना है कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है और सभी पहलुओं की जांच होगी।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यह गर्डर गिरते समय कोई व्यक्ति नीचे होता, तो क्या होता? यह घटना भविष्य के लिए एक चेतावनी भी है।

Gwalior का यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी कमजोरी को उजागर करता है। अच्छी बात यह रही कि बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसने कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।अब जरूरत है पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|

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