मुजफ्फरपुर: Muzaffarpur News में सामने आई एक नई घटना ने पुलिस विभाग को चौंका दिया है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा में सक्रिय एक गिरोह ने पैन और आधार नंबर का गलत तरीके से उपयोग कर बड़ी ठगी की है। ये शातिर अपराधी अपने ही नाम वाले लोगों का पैन नंबर प्राप्त कर उसे अपने पैन पर दर्ज कर लेते थे। इसके बाद, ये अपराधी बजाज फाइनेंस और अन्य कंपनियों से इएमआई पर महंगे उत्पाद खरीदकर उन्हें बेचते थे। Muzaffarpur में इस गिरोह की गतिविधियों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है और दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
साइबर अपराध का नया तरीका – पैन और आधार कार्ड का दुरुपयोग
Muzaffarpur News में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच, एक नया तरीका सामने आया है, जिसमें अपराधी पैन और आधार कार्ड का दुरुपयोग कर रहे हैं। ये अपराधी किसी व्यक्ति का पैन नंबर चुराकर उसे अपने पैन पर अपडेट कर लेते हैं। फिर इस पैन नंबर का इस्तेमाल करके वे आधार कार्ड बनवाते हैं और इन दस्तावेजों का गलत फायदा उठाकर इएमआई पर महंगे उत्पाद खरीदते हैं। मुजफ्फरपुर और दरभंगा में इन अपराधियों ने बजाज फाइनेंस से लोन लेकर 6 लाख रुपये के 5 एसी और 4 मोबाइल खरीदे थे। इन लोन की किश्तें नहीं चुकाने पर बजाज फाइनेंस ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने इन अपराधियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस की कार्रवाई – दो शातिर गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बरामद
मुजफ्फरपुर पुलिस ने Muzaffarpur के कथैया थाना क्षेत्र के दिस्तौलिया परसौनी निवासी प्रदीप कुमार और सिकंदरपुर के आदित्य कुमार को गिरफ्तार किया। उनके पास से फर्जी पैन और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इन दोनों अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रविवार को Muzaffarpur News में एसडीपीओ नगर सीमा देवी ने प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दोनों अपराधियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को कई और शातिर अपराधियों के बारे में जानकारी दी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
एक साल से चल रहा था फर्जीवाड़ा, अपराधी बनाते थे नए पैन और आधार कार्ड
ये शातिर अपराधी एक साल से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे। वे पैन और आधार कार्ड बदलकर दूसरे व्यक्तियों के नाम से लोन लेते थे। एक बार लोन चुकता न करने के बाद, वे फिर से अपने ही नाम वाले दूसरे व्यक्ति की तलाश करते थे और उनका पैन और आधार कार्ड इस्तेमाल करके नया लोन प्राप्त कर लेते थे। और दरभंगा में इन अपराधियों ने अपने नेटवर्क का विस्तार किया था और बड़े पैमाने पर ठगी की थी।






















