Muzaffarpur CSP: बिहार की धरती एक बार फिर अपराध की आग में झुलसी, लेकिन इस बार न्याय की किरण ने अपनी रोशनी बिखेर दी। मुजफ्फरपुर के औराई इलाके में दिनदहाड़े हुई ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) लूट की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार सुलझा ली है। इस बड़ी सफलता से न सिर्फ आम जनता को राहत मिली है, बल्कि उन अपराधियों के हौसले भी पस्त हुए हैं, जो कानून को ठेंगा दिखाकर दहशत फैलाना चाहते हैं।

मास्टरमाइंड अरुण कुमार गिरफ्तार, घर से देसी कट्टा और नकदी बरामद

Muzaffarpur CSP लूटकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: देसी कट्टा और नकदी के साथ पकड़ा गया आरोपी
गिरफ्तारी के दौरान अरुण के घर से बरामद हथियार और लूट की रकम।

18 जून को जब CSP संचालक से 2.89 लाख की लूट हुई, तब पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। Muzaffarpur CSP परिजनों और स्थानीय लोगों की आंखों में डर और सिस्टम से उम्मीद का मिला-जुला भाव था। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और अब मोतीपुर के पैगम्बरपुर गांव से मास्टरमाइंड अरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। Bihar police action छापेमारी के दौरान अरुण के घर से एक देसी कट्टा, दो कारतूस और लूट की रकम में से ₹25,000 नकद बरामद किए गए।

कई मामलों में शामिल रहा है अरुण कुमार

गिरफ्तार किया गया अरुण कोई नया अपराधी नहीं है।मुजफ्फरपुर अपराध समाचार उसके खिलाफ सिवाइपट्टी थाने में छह और राजेपुर थाने में दो आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों का नतीजा है। आर्म्स एक्ट के तहत अब उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई और भी सख्त हो गई है।

एक-एक करके सभी आरोपी आए गिरफ्त में

जांच के सिलसिले में सबसे पहले मोतीपुर पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान मधुबन थाना के रोहुआ मनियारपुर निवासी पंकज कुमार को पकड़ा। पूछताछ में उसने CSP लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और साथी राकेश रंजन का भी नाम उजागर किया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इसी पूछताछ में मास्टरमाइंड अरुण कुमार का नाम सामने आया, जिससे पुलिस की जांच को बड़ा मोड़ मिला।