दरभंगा: बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) में एक जूनियर डॉक्टर के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। पार्किंग के दौरान तीन युवकों ने डॉक्टर के साथ गाली-गलौज की और धमकी देकर फरार हो गए। इस घटना के बाद डॉक्टरों के बीच आक्रोश का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
DMCH में जूनियर डॉक्टर के साथ अभद्रता का मामला
घटना सोमवार रात करीब 9:45 बजे की है, जब डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी पर अस्पताल पहुंचे थे। अपनी कार पार्क करते वक्त तीन बाइक सवार युवकों ने डॉक्टर पर हॉर्न बजाकर टोका, और बिना किसी वजह के गाली-गलौज करने लगे। डॉक्टर ने विरोध जताया, तो युवकों ने धमकी दी और वहां से भाग गए। इस बदसलूकी से डॉक्टरों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डॉक्टर की कॉलर पकड़कर कार से खींचने की कोशिश
संबंधित आर्टिकल्स
Patna में RJD की बड़ी बैठक आज! लालू-तेजस्वी करेंगे ‘महाफैसला’, क्या बदलने वाला है पार्टी का नेतृत्व?
Bihar Election 2025: VIP को मिली 15 सीटें तेजस्वी यादव ने छोड़ी गौरा बौराम! बिहार में बदल गया सियासी समीकरण
Bihar Election 2025: योगी आदित्यनाथ का बिहार में बड़ा बयान ‘विकास बनाम बुर्के’ की शरारत कौन कर रहा है?
BJP Candidates Second List 2025: बिहार चुनाव में BJP ने जारी की दूसरी सूची, मैथिली ठाकुर और आनंद मिश्रा को मिला टिकट
Bihar Election 2025: BJP को बड़ा झटका! छपरा की राखी गुप्ता ने किया बगावत का ऐलान!
Bihar Election 2025: मैथिली ठाकुर ने चुनाव लड़ने की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, जानें क्या कहा
पीड़ित डॉक्टर के मुताबिक, वह पार्किंग कर ही रहे थे, जब तीनों युवकों ने बार-बार हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। डॉक्टर ने उन्हें शांत रहने की हिदायत दी, तो वे गाली-गलौज पर उतर आए। डॉक्टर ने जब विरोध किया, तो तीनों युवक वहां से भागकर गायनी विभाग की ओर चले गए। डॉक्टर ने पीछा किया, लेकिन न्यू सर्जिकल भवन के पास युवकों ने डॉक्टर को घेर लिया और उनकी कॉलर पकड़कर कार से खींचने की कोशिश की। तभी कुछ लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
DMCH परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
DMCH में कार्यरत डॉक्टरों ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई है। पीड़ित डॉक्टर ने सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए बताया कि इससे पहले जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने पीसीआर वैन और अन्य सुरक्षा इंतजामों का आश्वासन दिया था। फिर भी अस्पताल परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। DMCH के उपाधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार ने इस मामले की जानकारी न होने की बात कही है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि परिसर में पुलिस की गश्त और निगरानी में कमी के कारण ऐसे असामाजिक तत्व वहां आते हैं और डॉक्टरों के लिए खतरा पैदा करते हैं।
जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था की मांग
घटना के बाद अस्पताल में काम कर रहे जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश का माहौल है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन से कहा है कि परिसर में पीसीआर वैन की तैनाती हो और परिसर में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। डॉक्टरों का कहना है कि अगर जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो उनका काम करना मुश्किल हो जाएगा और असामाजिक तत्वों का हौसला और बढ़ेगा।
इसे भी पढ़ेपुलिस ने शुरू की कार्रवाई, आरोपी की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही बेंता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टर से मामले की जानकारी ली। पुलिस ने आरोपी युवकों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन रात भर खोजबीन के बाद भी किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। पुलिस अधिकारी का कहना है कि घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
DMCH में पहले भी डॉक्टरों के साथ बदसलूकी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने का वादा किया था। लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त नहीं होती, उनकी जान को खतरा बना रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि डॉक्टरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि वे बिना किसी डर के अपने कर्तव्य का पालन कर सकें।
अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता
DMCH के डॉक्टरों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में दिन-रात काम करते हुए उन्हें असामाजिक तत्वों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा है। डॉक्टरों ने अपील की है कि अस्पताल परिसर में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और पीसीआर वैन की तैनाती की जाए ताकि ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना के बाद DMCH के डॉक्टरों में असुरक्षा की भावना गहराई है और उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की तो वे काम पर लौटने से परहेज कर सकते हैं।
इसे भी पढ़े :-