Skip to main content
Samastipur News

Samrat Choudhary Cabinet: बिहार में सत्ता का नया खेल! किसे मिलेगा मंत्री पद, किसकी होगी छुट्टी?

Samrat Choudhary Cabinet: बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज। जानिए कौन बन सकता है मंत्री और कब होगा विस्तार।

विज्ञापन

Bihar की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली नई सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने Nitish Kumar से मुलाकात की। इस बीच Vinod Tawde की मौजूदगी में हुई बैठकों ने संकेत दिया है कि मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

खबर सुनें
विज्ञापन

Samrat Choudhary Cabinet: किन नेताओं को मिल सकती है जगह, क्या है अंदर की रणनीति

नई सरकार के गठन के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि मंत्रिमंडल में किन चेहरों को जगह मिलेगी। फिलहाल सरकार मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम के साथ चल रही है, लेकिन जल्द ही इसे विस्तार दिया जाएगा।

विज्ञापन

जानकारों का मानना है कि इस बार बीजेपी और जेडीयू दोनों दलों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश होगी। पहले की सरकार में बीजेपी के 14 मंत्री थे, जबकि जेडीयू के 9 मंत्री शामिल थे। ऐसे में नए समीकरण के तहत कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी हो सकती है और नए नेताओं को मौका मिल सकता है।

Bharatiya Janata Party के भीतर भी मंत्री पद को लेकर चर्चा तेज है। पार्टी नेतृत्व नए चेहरों को मौका देने के साथ-साथ अनुभव को भी महत्व देना चाहता है। वहीं सहयोगी दलों जैसे लोजपा-आर, हम और रालोमो में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है।

बहुमत परीक्षण के बाद होगा फैसला, आगे क्या संकेत

सरकार का अगला बड़ा कदम 24 अप्रैल को विधानसभा में बहुमत साबित करना है। इसके बाद कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार, मई के पहले सप्ताह में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है।

हालांकि, एक अहम फैक्टर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भी है। कई नेता वहां चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, जिससे विस्तार की प्रक्रिया थोड़ी प्रभावित हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि चुनाव परिणाम आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार सरकार की स्थिरता और भविष्य की रणनीति तय करेगा। सही संतुलन बनाने में सफलता मिलती है, तो सरकार मजबूत स्थिति में आ सकती है।

बिहार में कैबिनेट विस्तार सिर्फ पद बांटने का मामला नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों और राजनीतिक संतुलन की दिशा तय करने वाला कदम है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर किन नेताओं को मौका मिलेगा और कौन बाहर होगा।

यह भी पढ़ें-बिहार: जेडीयू की नई मांगों से एनडीए में सियासी तनाव, नीतीश कुमार ने बदली रणनीति

Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|
होम
ई-पेपरGoogleतस्वीरें