बिहार की राजनीति में एक बार फिर चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। इस बार मौका है बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव का। यह सीट जेडीयू नेता देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद खाली हो गई है, और अब सभी प्रमुख पार्टियां इसे हथियाने के लिए मैदान में उतर चुकी हैं।
उपचुनाव का शेड्यूल – तारीखें जानें
भारत निर्वाचन आयोग ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के इस उपचुनाव के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। उम्मीदवार 18 नवंबर तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। 19 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, और 21 नवंबर तक नाम वापसी की जा सकेगी। मतदान 5 दिसंबर को होगा, जबकि मतगणना 9 दिसंबर को होगी।
तिरहुत स्नातक सीट पर पार्टियों का बढ़ता उत्साह
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इस उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख पार्टियां बेहद उत्साहित हैं। जेडीयू ने इस बार अभिषेक झा को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, आरजेडी ने गोपी किशन को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, लोजपा (रामविलास) के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश रौशन निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोक रहे हैं।
गौरतलब है कि इस सीट पर लंबे समय से जेडीयू का दबदबा रहा है और देवेश चंद्र ठाकुर यहां से कई बार जीत चुके हैं। ऐसे में जेडीयू इस सीट को फिर से जीतकर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहेगी।
क्या खास है इस उपचुनाव में?
तिरहुत स्नातक सीट का यह चुनाव इसलिए खास है क्योंकि इस सीट पर मतदान करने वाले स्नातक मतदाता हैं, जो अधिकतर शिक्षित और जागरूक माने जाते हैं। हालांकि, यहां मतदाताओं की संख्या कम होती है, फिर भी इस चुनाव का महत्व कम नहीं है। उच्च सदन के लिए चुने जाने का मतलब है कि यहां से विजयी उम्मीदवार बिहार विधान परिषद में प्रमुख मुद्दों पर अपनी आवाज उठा सकता है।
इसे भी पढ़ेजेडीयू और आरजेडी के बीच सीधा टकराव
इस चुनाव में जेडीयू और आरजेडी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। जहां जेडीयू ने युवा अभिषेक झा को मैदान में उतारा है, वहीं आरजेडी ने भी युवा चेहरा गोपी किशन को मौका दिया है। दोनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में जोरदार प्रचार शुरू कर दिया है और अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है।
राजनीतिक दांव-पेंच और संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प रहेगा, क्योंकि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर जेडीयू और आरजेडी के बीच टक्कर कड़ी होगी। तिरहुत क्षेत्र में जेडीयू का परंपरागत वोटबैंक होने के बावजूद आरजेडी अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरे जोर-शोर से जुटी है।
बिहार की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारी भी जारी
तिरहुत स्नातक सीट के इस उपचुनाव के साथ ही बिहार में चार विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव की तैयारी चल रही है। यह चुनाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे 2025 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल समझा जा रहा है। इन चुनावों के नतीजे बिहार की राजनीति का रुख तय कर सकते हैं।
चुनाव आयोग की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव आयोग ने इस उपचुनाव के लिए सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की है। सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदान केंद्रों पर पुख्ता सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित करें ताकि मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें।
कौन जीतेगा और कौन हारेगा?
इस उपचुनाव में कौन विजयी होगा, यह तो नतीजे के बाद ही पता चलेगा। लेकिन इतना जरूर है कि तिरहुत स्नातक सीट के इस चुनाव ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। जेडीयू, आरजेडी और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने से राजनीति के जानकारों की नजरें इस सीट पर टिकी हुई हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी यहां बाजी मारती है। क्या जेडीयू अपनी जीत को बरकरार रखेगी, या आरजेडी इस सीट पर कब्जा जमाएगी? या फिर निर्दलीय उम्मीदवार सबको चौंका देंगे?
बिहार की राजनीति के इस महत्वपूर्ण चुनाव का नतीजा राज्य की आगामी दिशा को प्रभावित कर सकता है और इसके प्रभाव 2025 के विधानसभा चुनावों तक महसूस किए जा सकते हैं।
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