पटना: बिहार के राज्यपाल और पटना विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की स्थिति, छात्रों की समस्याओं और अनुशासन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
हॉस्टल की मरम्मत जल्द पूरी करने का निर्देश
राजभवन में हुई इस बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि जिन हॉस्टलों की मरम्मत का काम चल रहा है, उसे जल्दी से पूरा कर छात्रों को आवंटित किया जाए। उन्होंने हॉस्टल अधीक्षकों और वार्डेन को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से हॉस्टलों का दौरा करें और वहां की स्थिति पर नजर रखें।
संबंधित आर्टिकल्स
Patna में RJD की बड़ी बैठक आज! लालू-तेजस्वी करेंगे ‘महाफैसला’, क्या बदलने वाला है पार्टी का नेतृत्व?
Bihar Election 2025: VIP को मिली 15 सीटें तेजस्वी यादव ने छोड़ी गौरा बौराम! बिहार में बदल गया सियासी समीकरण
Bihar Election 2025: योगी आदित्यनाथ का बिहार में बड़ा बयान ‘विकास बनाम बुर्के’ की शरारत कौन कर रहा है?
BJP Candidates Second List 2025: बिहार चुनाव में BJP ने जारी की दूसरी सूची, मैथिली ठाकुर और आनंद मिश्रा को मिला टिकट
Bihar Election 2025: BJP को बड़ा झटका! छपरा की राखी गुप्ता ने किया बगावत का ऐलान!
Bihar Election 2025: मैथिली ठाकुर ने चुनाव लड़ने की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, जानें क्या कहा
राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को हल करना होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, "छात्र हमारी जिम्मेदारी हैं, उनकी समस्याओं को गंभीरता से लें और समाधान करें।"
छात्र-प्रशासन संवाद को बनाए रखने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच बेहतर संवाद जरूरी है। इससे छात्रों की जरूरतों और परेशानियों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कुलपति से विश्वविद्यालय प्रशासन में सुधार के कदम उठाने को कहा और छात्र संघ चुनाव पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
अनुशासन बनाए रखने के लिए ठोस कदम
राज्यपाल ने बैठक के दौरान अनुशासन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पटना विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में हॉस्टल और कैंपस के माहौल को अनुशासित रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाने को कहा।
सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
राज्यपाल के इस प्रयास को विश्वविद्यालय के छात्रों और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बैठक के बाद यह उम्मीद है कि हॉस्टलों की स्थिति में सुधार होगा और छात्रों को एक बेहतर माहौल मिलेगा।
इसे भी पढ़े :-