PIB PAK RIFT | Fact Check: नमस्कार मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से आपको बताते चले की भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के माहौल में सोशल मीडिया पर एक खतरनाक खेल शुरू हो गया है। WhatsApp, Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर “लोकेशन बंद करो” जैसे फर्जी मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन संदेशों में दावा किया जा रहा है कि दुश्मन देश ड्रोन के जरिए आम नागरिकों की मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रहा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।

लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। भारत सरकार की आधिकारिक संस्था PIB Fact Check ने इन अफवाहों को पूरी तरह से गलत और भ्रामक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की ओर से भारत में डर और भ्रम फैलाने के लिए ऐसे फर्जी संदेश चलाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक साइकोलॉजिकल वॉरफेयर की रणनीति है, जिसमें सोशल मीडिया को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

तो क्या वाकई आपका फोन भी दुश्मन की निगरानी में है? क्या “लोकेशन बंद करो” जैसे संदेशों पर विश्वास करना चाहिए? आइए जानते हैं पूरी सच्चाई इस रिपोर्ट में…

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INDO PAK RIFT: अफवाहों का नया जाल सोशल मीडिया पर!

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव (INDO PAK RIFT) के माहौल में, सोशल मीडिया पर सेना से जुड़ी कई फर्जी मैसेज और भ्रामक सूचनाएं वायरल हो रही हैं। WhatsApp, Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर “लोकेशन बंद करो” जैसे डर फैलाने वाले मैसेज तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। लेकिन सरकार की मानें तो ये सारी सूचनाएं बेबुनियाद हैं और केवल जनता में डर और भ्रम फैलाने का साधन हैं।

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PIB Fact Check ने जारी की चेतावनी

सरकारी संस्था PIB Fact Check ने X (पहले ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पाकिस्तान की ओर से सोशल मीडिया पर मिसइन्फॉर्मेशन फैलाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में ऐसी सोशल मीडिया अफवाह और ज्यादा बढ़ सकती हैं। इसलिए किसी भी वायरल संदेश को बिना जांचे शेयर करना देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।

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“लोकेशन बंद करो” वाला संदेश भी निकला फेक

कुछ फर्जी मैसेज में दावा किया जा रहा है कि दुश्मन देश ड्रोन के जरिए लोगों की मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं, इसलिए “लोकेशन बंद करो”। लेकिन PIB ने साफ किया है कि ऐसी कोई सूचना सरकारी स्रोतों द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और ये सिर्फ डर फैलाने के उद्देश्य से भेजे जा रहे हैं।

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क्या करें अगर ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज मिले?

अगर किसी को सेना से जुड़ा कोई संदिग्ध वीडियो, फोटो या मैसेज WhatsApp, Facebook या Instagram पर दिखाई दे, तो उसे तुरंत PIB Fact Check को भेजें। इसके लिए सरकार ने WhatsApp नंबर +91 8799711259 और ईमेल factcheck@pib.gov.in जारी किया है।

गलत जानकारी फैलाना देश के लिए हानिकारक

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब दो देशों के बीच तनाव की स्थिति होती है, तब दुश्मन देश भ्रामक सूचनाएं फैलाकर आम जनता में डर और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करते हैं। इसलिए जरूरी है कि किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई को जांचा जाए।

सरकार की ओर से जनता के लिए अहम अपील

PIB Fact Check का कहना है कि सेना या सुरक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया अफवाह मानने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। बिना जांचे शेयर की गई सूचना देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को खतरे में डाल सकती है।

इन बातों का हमेशा रखें ध्यान:

  • किसी भी फर्जी मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
  • PIB Fact Check से सच्चाई की जांच जरूर करें
  • अफवाहें फैलाने से बचें और दूसरों को भी रोकें
  • सेना से जुड़ी खबरों को सावधानी से देखें
  • सही जानकारी के लिए केवल सरकारी और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें

धन्यवाद मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से और आपको ऐसे ही लेटेस्ट न्यूज़ के लिए हमारे वेबसाइट को फॉलो करें और हमारे आदर्श सोशल मीडिया पर जाकर हमें फॉलो कर सकते हैं धन्यवाद।

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