संसद में एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला। PM Modi सरकार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब महिला आरक्षण से जुड़ा बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। यह पिछले 11 वर्षों में पहली बार है, जब सरकार सदन में कोई महत्वपूर्ण बिल पारित कराने में सफल नहीं हो पाई।
PM Modi: क्यों पास नहीं हो सका महिला आरक्षण बिल?
इस बिल को संसद के विशेष सत्र में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना था।हालांकि, इस बार मामला बहुमत या राजनीतिक विरोध का नहीं था। बल्कि संविधान में दिए गए कुछ जरूरी प्रावधानों और प्रक्रियाओं के कारण यह बिल आगे नहीं बढ़ सका।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े नियमों और संशोधनों पर अभी भी स्पष्टता की जरूरत बताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बड़े संवैधानिक बदलाव के लिए विस्तृत प्रक्रिया और सहमति जरूरी होती है।
सरकार के लिए क्यों है यह बड़ा झटका?
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नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से संसद में अपने अधिकांश बिल आसानी से पास कराती रही है।ऐसे में यह पहला मौका है, जब सरकार किसी महत्वपूर्ण बिल को पास नहीं करा सकी। इससे राजनीतिक रूप से भी सरकार की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
महिलाओं के लिए क्या था इस बिल का महत्व?
इस बिल का उद्देश्य देश की आधी आबादी को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व देना था। अगर यह पास हो जाता, तो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ जाती। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस बिल को दोबारा पेश करेगी या इसमें बदलाव करेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है और आने वाले सत्र में इसे फिर से लाया जा सकता है।
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