संसद में जारी बहस के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Nari Shakti Vandan Adhiniyam को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, अब लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लागू हो गया है।

क्या है Nari Shakti Vandan Adhiniyam और क्यों है अहम

Nari Shakti Vandan Adhiniyam को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया था। इस कानून के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।इसका मकसद राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाना और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कानून भारतीय लोकतंत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता है और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

लागू होने के समय पर क्यों उठे सवाल?

हालांकि कानून लागू हो गया है, लेकिन इसके समय को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। संसद में पहले से इस बात पर बहस चल रही थी कि इसे 2029 से लागू किया जाए।ऐसे में अचानक इसे लागू करने के फैसले ने विपक्ष को सवाल उठाने का मौका दिया है। कई नेताओं का कहना है कि सरकार को पहले सभी पहलुओं पर स्पष्टता देनी चाहिए थी।

संसद में हंगामा और राजनीतिक प्रतिक्रिया

कानून लागू होने के साथ ही संसद में इस मुद्दे पर हंगामा भी देखने को मिला। विपक्षी दलों ने सरकार से इस फैसले पर जवाब मांगा है।

इस कानून के लागू होने से आने वाले समय में राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में नए दृष्टिकोण सामने आ सकते हैं।हालांकि, इसके प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए कुछ समय का इंतजार करना होगा।फिलहाल, यह कानून देश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

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