तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। Kamal Hassan के एक बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कमल हासन ने चुनाव प्रचार के दौरान एक टिप्पणी की, जिस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है।

Kamal Hassan: क्या है पूरा मामला?

चेन्नई हार्बर में चुनाव प्रचार के दौरान Kamal Hassan ने तमिलनाडु के मंत्री शेखर बाबू के मंदिर पुनर्निर्माण कार्यों की तुलना राजराजा चोल प्रथम से कर दी।उन्होंने कहा कि शेखर बाबू ने चोल सम्राट से भी अधिक ‘कुंभाभिषेकम’ किए हैं। इसी बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया। यह टिप्पणी इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी होने के कारण चर्चा का विषय बन गई।

भाजपा ने क्यों जताई नाराजगी?

तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एनएस प्रसाद ने इस बयान को “बेहद खेदजनक” बताया।उनका कहना है कि यह टिप्पणी तमिल इतिहास के महान शासकों में से एक की विरासत का अपमान है। भाजपा ने साफ कहा है कि कमल हासन को अपनी टिप्पणी वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चुनावी माहौल गर्म है। ऐसे में नेताओं के बयान अक्सर राजनीतिक बहस को और तेज कर देते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कमल हासन इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।फिलहाल, यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

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