Chhattisgarh Vidhansabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों बजट सत्र को लेकर हलचल तेज है। विधानसभा में चल रहे सत्र के दौरान आज प्रश्नकाल काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दे उठाए गए। विधायकों ने शिक्षकों, स्कूलों और सरकारी योजनाओं को लेकर तीखे सवाल पूछे, जिससे सदन का माहौल गरम रहा।
प्रश्नकाल में शिक्षा विभाग पर उठे गंभीर सवाल
आज के Chhattisgarh Vidhansabha Budget Session 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा स्कूल शिक्षा विभाग को लेकर रही। विधायकों ने आत्मानंद स्कूल में छात्र के साथ कथित बर्बरता के मामले को जोरदार तरीके से उठाया। इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा गया और जांच की स्थिति पर भी सवाल किए गए।इसके अलावा स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (rationalization policy) को लेकर भी कई सवाल सामने आए। विपक्ष के सदस्यों ने पूछा कि कितने स्कूलों को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया और इसके क्या मापदंड तय किए गए थे।
शिक्षकों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। अतिथि शिक्षकों की संख्या, उनके मानदेय और कार्य व्यवस्था पर सवाल उठे। विधायकों का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन मुद्दों पर स्पष्ट नीति जरूरी है।यह पूरा सत्र दिखाता है कि शिक्षा का मुद्दा राज्य की राजनीति में कितना महत्वपूर्ण बना हुआ है।
अन्य मुद्दों पर भी सरकार से मांगा गया जवाब
सत्र के दौरान सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। बालोद जंबूरी आयोजन को लेकर निर्णय प्रक्रिया, खर्च और संभावित अनियमितताओं पर सवाल पूछे गए।विधायकों ने जल जीवन मिशन के कामकाज पर भी सरकार को घेरा। कई क्षेत्रों में अधूरे काम और देरी को लेकर जवाब मांगा गया। साथ ही यह भी पूछा गया कि कितने प्रोजेक्ट समय पर पूरे हुए और कितने अभी भी लंबित हैं।





















