मुजफ्फरपुर न्यूज़ में एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है, जहां आरपीएफ पुलिस ने मजदूरी के लिए दिल्ली ले जाए जा रहे 7 नाबालिग बच्चों को सफलतापूर्वक मुक्त कराया है। यह रेस्क्यू अवध-आसाम एक्सप्रेस ट्रेन में किया गया, जिसके दौरान दो महिला तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार महिला तस्करों की पहचान

गिरफ्तार महिला तस्करों की पहचान शीला अंशबारी और मोनिका ज़ीदुंग के रूप में हुई है, जो असम की निवासी हैं। ये महिलाएं इन सात बच्चों को दिल्ली के विभिन्न होटलों और अन्य जगहों पर मजदूरी कराने के लिए ले जा रही थीं।

बच्चों की स्थिति

बचाए गए बच्चों की स्थिति बहुत ही चिंताजनक थी। आरपीएफ पोस्ट इंचार्ज मनीष कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर, बचपन बचाओ आंदोलन के एपीओ अनुपम कुमारी के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 2 पर समय 17:14 बजे आगमन पर साधारण कोच की जांच की गई।

पूछताछ का परिणाम

जांच के दौरान 5 नाबालिग लड़कियों और 2 नाबालिग लड़कों को डरे-सहमे पाया गया। पूछताछ करने पर बच्चों ने बताया कि उन्हें शीला अंशबारी और मोनिका जिदुंग द्वारा दिल्ली में दूसरों के घरों और रेस्टोरेंट में काम करने के लिए ले जाया जा रहा है।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों और महिलाओं को स्टेशन से उतारा। इसके बाद महिलाओं से पूछताछ की गई और सभी जानकारी इकट्ठा की गई। अंततः दोनों महिलाओं को जीआरपी पुलिस के हिरासत में भेज दिया गया।

यह मुजफ्फरपुर न्यूज़ नाबालिग बच्चों के खिलाफ मानव तस्करी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, और इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके।

इसे भी पढ़े :-