मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र में 17 अक्टूबर को एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर 5वीं कक्षा की छात्रा के साथ रेप की कोशिश का आरोप लगा है। पीड़िता के अनुसार, स्कूल में खेलते समय आरोपी ने उसे क्लास में बुलाकर खिड़की बंद करने को कहा। जैसे ही उसने खिड़की बंद की, आरोपी ने गेट बंद कर दिया और उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर दो महिला शिक्षिकाएं मौके पर पहुंचीं और बच्ची को बचा लिया।
घटना के बाद, आरोपी शिक्षक मोहम्मद मजहूर स्कूल से फरार हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे बीमारी का बहाना बना कर गांव से भाग चुके हैं। पीड़िता की मां ने इस मामले में थाने में FIR दर्ज कराई है। मामले के उजागर होने के बाद गांव के लोग स्कूल पहुंच गए और आरोपी की तस्वीर पर कालिख पोत दी।
दबाव और इज़्जत की कीमत
भास्कर की टीम जब मौके पर पहुंची, तो पता चला कि आरोपी पक्ष मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। पीड़ित परिवार पर 2 लाख रुपये में मामले को सुलझाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे यह साबित होता है कि मुजफ्फरपुर में रेप मामले में आरोपी पक्ष ने नाबालिग पीड़िता की इज़्जत पर कीमत लगाई है।
पीड़िता का बयान
पीड़िता ने बताया, “मैं स्कूल में खेल रही थी। सर ने कहा खिड़की बंद करो। जब मैंने खिड़की बंद की, उन्होंने गेट बंद कर दिया और मेरा कपड़ा उतारने की कोशिश की। मैंने रोना-चिल्लाना शुरू किया, तब दो महिला आईं और मुझे बचा लिया।”
शिक्षिकाओं की जानकारी
स्कूल की शिक्षिका गुलअसगरी ने कहा, “हमें इस मामले की जानकारी 20 अक्टूबर को मिली। रसोइया ने बताया कि आरोपी को नीचे देखा था। घटना गुरुवार को हुई, लेकिन हमें शनिवार को पता चला क्योंकि शुक्रवार को स्कूल बंद था।”
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
पड़ोसियों का कहना है कि छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया था, लेकिन परिजनों के कहने पर वह फिर से गई। वहां उसे मानसिक और शारीरिक टॉर्चर किया गया, जिससे वह भागकर घर आई। आरोपी से बातचीत के लिए गांव के लोग उसके घर गए, लेकिन वे नहीं मिले।















