मुजफ्फरपुर, बिहार में छठ पूजा को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। जिले में कुल 250 घाट हैं, जिनमें से 50 घाट खतरनाक बताए जा रहे हैं। इस संदर्भ में जिला प्रशासन सतर्क है और सभी घाटों पर 2 से 3 गोताखोर नाव पर तैनात रहेंगे। साथ ही, हर घाट पर लाइफ जैकेट की व्यवस्था भी की जाएगी।

भारी वाहनों का मुजफ्फरपुर शहर में प्रवेश प्रतिबंधित

नदियों के किनारे बांस की बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन ने शहर में जाम से बचने के लिए 5 से 8 नवंबर तक भारी वाहनों के मुजफ्फरपुर शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह आदेश एसडीओ पूर्वी, अमित कुमार द्वारा जारी किया गया है।

गहरी नदी और तालाबों में स्नान पर रोक

अर्घ्य देने और स्नान के लिए गहरी नदियों और तालाबों में जाने पर भी पाबंदी रहेगी। यह कदम संभावित दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी

थानाध्यक्ष और बीडीओ को इस मामले में निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। डीएम के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। छठ महापर्व 5 नवंबर को नहाय खाय से शुरू होगा और 8 नवंबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के बाद समाप्त होगा। नदियों, तालाबों और घाटों पर नाव, गोताखोर, लाइफ जैकेट और महाजाल की व्यवस्था की जाएगी।

निजी नावों का परिचालन प्रतिबंधित

प्रशासन ने निजी नावों के परिचालन पर भी प्रतिबंध लगाया है, जो 5 नवंबर की सुबह 6:00 बजे से लेकर 8 नवंबर की शाम 5:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे टूटे तटबंधों और दलदली नदियों के निकट न जाएं और घाटों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।

इस प्रकार, मुजफ्फरपुर, बिहार जिला प्रशासन ने छठ पूजा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

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