Gram Chikitsalay Web Series Review: नमस्कार मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से आपको बताते चले की TVF की नई वेब सीरीज़ Gram Chikitsalay ने रिलीज़ से पहले ही दर्शकों में बड़ी उम्मीदें जगा दी थीं। ट्रेलर देखकर लग रहा था कि ये शो ‘पंचायत’ की तरह दिल छूने वाली ग्रामीण पृष्ठभूमि की एक दमदार कहानी कहेगा। लेकिन क्या वाकई ऐसा हुआ? या फिर यह सीरीज़ एक अधूरी और बीमार पटकथा के साथ दर्शकों की उम्मीदों को तोड़ती है?
TVF के नाम से ही दर्शक क्वालिटी कंटेंट की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ गड़बड़ है। Gram Chikitsalay Web Series Review में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक बेहतरीन आइडिया स्क्रिप्ट की कमजोरी और कमज़ोर रिसर्च की वजह से औसत बनकर रह गया। क्या ‘भटकंडी’ गांव के ग्रामीण डॉक्टर की ये कहानी आपको अंत तक बांधे रखती है? या फिर ये TVF की सबसे बड़ी चूक साबित होती है?
इस रिव्यू में हम Gram Chikitsalay Web Series की कहानी, अभिनय, सिनेमेटोग्राफी और इसकी तुलना ‘पंचायत’ से करते हुए जानेंगे कि क्या ये सीरीज़ देखना वाकई समय की बर्बादी है या एक बार देखना तो बनता है।
Gram Chikitsalay Web Series Review: कहानी की नींव मजबूत लेकिन पटकथा कमजोर
Gram Chikitsalay Web Series की कहानी झारखंड के एक काल्पनिक गांव भटकंडी पर आधारित है, जहां झोला छाप डॉक्टर चेतक (विनय पाठक) वर्षों से गांव वालों का इलाज करते आ रहे हैं। इसी गांव में एक दिन दिल्ली से पढ़े-लिखे गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर प्रभात (अमोल पराशर) की एंट्री होती है, जिनके पिता का दिल्ली में बड़ा अस्पताल है, लेकिन वे बदलाव के लिए गांव आते हैं।





















