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Samastipur News

The Pyramid Scheme Review: MLM की सच्चाई दिखाती सीरीज, लेकिन शुरुआत करती है निराश

The Pyramid Scheme Review में जानें वेब सीरीज की कहानी, अभिनय, खूबियां और कमियां। क्या यह सीरीज देखने लायक है या नहीं, पढ़ें पूरा रिव्यू।

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The Pyramid Scheme Review: टीवीएफ की नई वेब सीरीज ‘द पिरामिड स्कीम’ आम मध्यमवर्गीय परिवारों के सपनों, संघर्ष और जल्दी अमीर बनने की चाहत की कहानी दिखाती है। यह सीरीज मल्टी लेवल मार्केटिंग और पिरामिड स्कीम के पीछे छिपे सच को सामने लाने की कोशिश करती है। कहानी सामाजिक मुद्दे से जुड़ी है, इसलिए दर्शकों के लिए यह सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक सीख भी बन सकती है।

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The Pyramid Scheme Review: कहानी और अभिनय ने बांधे रखा ध्यान

सीरीज का केंद्र गोल्डी चौहान नाम का एक युवक है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा गोल्डी समाज में सम्मान पाना चाहता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक ऐसी कंपनी से होती है जो बड़े सपने दिखाती है। शुरुआत में सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि वह एक बड़े जाल में फंस चुका है। कहानी उस संघर्ष को दिखाती है जिसमें एक आम इंसान जल्दी सफलता पाने की कोशिश करता है। सीरीज की सबसे मजबूत कड़ी इसका यथार्थवादी विषय है।

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परमवीर सिंह चीमा ने गोल्डी के किरदार को प्रभावी ढंग से निभाया है। शुरुआती एपिसोड में उनका किरदार साधारण लगता है, लेकिन आगे बढ़ते हुए उनका अभिनय दर्शकों को प्रभावित करता है। रणवीर शौरी का प्रदर्शन भी काफी मजबूत है। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद वह अपने किरदार को यादगार बनाते हैं। अन्य कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती दी है। अल्फिया जाफरी ने अपने डेब्यू में अच्छा प्रभाव छोड़ा है।

कहां हुआ फायदा और कहां रह गई कमी

सीरीज का सबसे बड़ा फायदा इसका विषय है। यह उन लोगों को जरूर पसंद आएगी जो नेटवर्क मार्केटिंग या ऐसे बिजनेस मॉडल को समझना चाहते हैं। कहानी में दिखाया गया फ्रॉड और लोगों के सपनों का शोषण वास्तविकता के काफी करीब महसूस होता है। निर्माताओं ने अनावश्यक ड्रामा से बचने की कोशिश की है। इसी वजह से कई दृश्य वास्तविक लगते हैं। परिवार के साथ देखने लायक कंटेंट भी इसकी एक खासियत है। हालांकि इसकी सबसे बड़ी कमजोरी शुरुआती तीन एपिसोड हैं। कहानी बहुत धीमी गति से आगे बढ़ती है। कई दर्शक इस दौरान रुचि खो सकते हैं।

असली घटनाक्रम चौथे एपिसोड के बाद शुरू होता है। अंतिम एपिसोड में कहानी अचानक बहुत तेजी से आगे बढ़ती है। कई घटनाएं एक साथ होने से कुछ हिस्से अधूरे लग सकते हैं। यही कारण है कि सीरीज पूरी तरह संतुलित नहीं दिखती। अगर आप सामाजिक मुद्दों पर आधारित यथार्थवादी कहानियां पसंद करते हैं, तो यह सीरीज एक बार जरूर देख सकते हैं। खासकर उन लोगों के लिए यह उपयोगी है जो जल्दी पैसा कमाने वाली योजनाओं के दावों को समझना चाहते हैं।

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Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|
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