NEET 2026 Re-Exam: देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 3 मई 2026 को हुई नीट यूजी परीक्षा रद्द करने के बाद अब 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। बिहार समेत पूरे देश के छात्र अब नए एडमिट कार्ड, सिटी स्लिप और परीक्षा केंद्र की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

पेपर लीक विवाद के बाद क्यों रद्द हुई परीक्षा

3 मई को हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा के बाद राजस्थान से पेपर लीक की खबरें सामने आने लगी थीं। जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले WhatsApp और Telegram पर एक हैंडरिटन गेस पेपर वायरल किया गया था। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने जब उस गेस पेपर का मिलान असली प्रश्न पत्र से किया तो कई सवाल हूबहू मिले।

इसके बाद छात्रों ने देशभर में विरोध शुरू कर दिया। बिहार के पटना, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में भी कई छात्रों ने प्रदर्शन किया। बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया। जांच एजेंसियों ने महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा में कई गिरफ्तारियां कीं। जांच में कोचिंग संस्थानों और दलालों के नेटवर्क की भी जानकारी सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। इसी वजह से एनटीए ने पुरानी परीक्षा रद्द कर नई तारीख घोषित की।

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21 जून को होगी परीक्षा, यही रहेगा समय

एनटीए ने साफ कर दिया है कि दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 रविवार को आयोजित होगी। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक रहेगा। देशभर के साथ बिहार के सभी निर्धारित शहरों में भी परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।

समस्तीपुर, पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर के छात्रों को भी नई सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी होने का इंतजार है। यह स्लिप परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। इसमें केवल परीक्षा शहर की जानकारी होगी।

छात्रों को बता दें कि यह स्लिप एडमिट कार्ड नहीं होती। असली एडमिट कार्ड अलग जारी किया जाएगा। परीक्षा केंद्र में प्रवेश केवल एडमिट कार्ड से मिलेगा। एनटीए 14 जून तक नए एडमिट कार्ड जारी कर सकता है। पुराने एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं रहेंगे।

क्या दोबारा फॉर्म भरना होगा, जानें नियम

री-एग्जाम की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या छात्रों को फिर से आवेदन करना पड़ेगा। एनटीए ने इस पर स्थिति साफ कर दी है। जिन छात्रों ने पहले सफल आवेदन किया था, उनका डेटा सीधे नई परीक्षा में इस्तेमाल होगा।

छात्रों को नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। जिन उम्मीदवारों के पैसे तकनीकी गड़बड़ी में ज्यादा कट गए थे, उनके लिए रिफंड विंडो शुरू की गई है। छात्र बैंक खाते की जानकारी देकर रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

बिहार के कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर फीस रिफंड और लॉगिन समस्या की शिकायत की थी। एनटीए ने कहा है कि सभी शिकायतों का समाधान पोर्टल के जरिए किया जाएगा। रिफंड क्लेम की अंतिम तारीख 22 जून 2026 तय की गई है।

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सिलेबस और परीक्षा पैटर्न में बदलाव नहीं

परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्रों को डर था कि अब सिलेबस बदल सकता है। लेकिन एनटीए ने स्पष्ट किया है कि पुराना सिलेबस ही लागू रहेगा। परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी से कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे।

मार्किंग स्कीम में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। छात्रों को पुराने पैटर्न के अनुसार ही तैयारी करनी होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब नया टॉपिक पढ़ने के बजाय रिवीजन पर फोकस करना ज्यादा जरूरी है।

समस्तीपुर और आसपास के कई कोचिंग शिक्षकों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अफवाहों से दूर रहें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी नोटिस और नए पैटर्न के दावों पर भरोसा न करें। केवल आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी मानें।

CBI जांच में क्या सामने आया?

केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी। जांच में खुलासा हुआ कि इस लीक में पेपर सेट करने वाले पूर्व सदस्य, डॉक्टर और बड़े कोचिंग संस्थानों के मालिक शामिल थे। महाराष्ट्र के लातूर में RCC कोचिंग इंस्टीट्यूट के प्रमुख शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह एक बड़ा इंटर-स्टेट सिंडिकेट था, जो चुनिंदा छात्रों को लाखों रुपये लेकर पास कराने का काम करता था।

CBI अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। कई राज्यों में लगातार छापेमारी चल रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को निशाना बना रहा था। बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों से भी संदिग्ध संपर्कों की जानकारी सामने आई है।

Admit Card कब और कैसे मिलेगा?

एनटीए ने साफ कर दिया है कि पुराना एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं होगा। परीक्षा से पहले 14 जून 2026 तक नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। छात्र इसे आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर सकेंगे।

डाउनलोड करने के लिए छात्रों को अपना पुराना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। नए एडमिट कार्ड पर नया रोल नंबर या नया बारकोड भी दिया जा सकता है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय यही नया एडमिट कार्ड मान्य रहेगा।

छात्रों को सलाह दी गई है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दर्ज नाम, फोटो, परीक्षा केंद्र और समय की जानकारी जरूर जांच लें। किसी गलती की स्थिति में तुरंत एनटीए हेल्पलाइन से संपर्क करें।

City Intimation Slip क्या होती है और कैसे डाउनलोड करें?

परीक्षा से करीब 10 दिन पहले एनटीए एडवांस सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी करेगा। यह स्लिप छात्रों को पहले ही बता देती है कि उनकी परीक्षा किस शहर में होगी। इससे यात्रा और ठहरने की तैयारी समय रहते की जा सकती है।

ध्यान रखें कि यह स्लिप एडमिट कार्ड नहीं होती। इसे दिखाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसमें केवल परीक्षा शहर, तारीख और शिफ्ट टाइमिंग की जानकारी दी जाती है।

डाउनलोड करने के लिए छात्रों को neet.nta.nic.in वेबसाइट पर जाना होगा। वहां NEET UG Re-Exam City Intimation Slip 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड या जन्मतिथि और सिक्योरिटी पिन भरें। लॉगिन करते ही स्लिप स्क्रीन पर दिखाई देगी। छात्र इसे डाउनलोड करके प्रिंट भी निकाल सकते हैं।

बिहार के छात्रों के लिए जरूरी बात

समस्तीपुर और बिहार के जो छात्र इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, उनके लिए सबसे जरूरी है कि सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहें। इंटरनेट पर कई फर्जी नोटिस और गलत दावे वायरल हो रहे हैं। ऐसे में केवल आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी पर भरोसा करें।

जानकारी के मुताबिक अब छात्रों को नए टॉपिक पढ़ने के बजाय कमजोर चैप्टर मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। रोज मॉक टेस्ट और पुराने प्रश्नपत्र हल करने से तैयारी बेहतर होगी। एडमिट कार्ड और सिटी स्लिप से जुड़ी हर अपडेट के लिए केवल neet.nta.nic.in वेबसाइट ही देखें।

छात्रों पर बढ़ा मानसिक दबाव, एक्सपर्ट्स ने दी सलाह

लगातार विवाद और परीक्षा दोबारा होने से छात्रों पर मानसिक दबाव काफी बढ़ गया है। कई छात्र पिछले दो साल से तैयारी कर रहे थे। अचानक परीक्षा रद्द होने से उनकी रणनीति पूरी तरह बदल गई।

पटना और दरभंगा के कई छात्रों ने बताया कि वे दोबारा उसी ऊर्जा से तैयारी करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय नींद, खानपान और टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखना जरूरी है।

छात्र रोज छोटे लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करें। कमजोर अध्यायों पर ज्यादा समय दें। पुराने मॉक टेस्ट दोबारा हल करें। सोशल मीडिया की बहस से दूरी रखें। इससे मानसिक तनाव कम होगा और फोकस बना रहेगा।

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