आसपास मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर माहौल पूरी तरह बदल चुका है। NEET UG 2026 इस बार सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र की प्रक्रिया भी चर्चा में है। करीब 24 लाख छात्रों के शामिल होने वाली इस परीक्षा से पहले अभिभावकों की चिंता खासतौर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को लेकर बढ़ गई है। कई परिवारों का सवाल है कि अगर फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुआ तो क्या छात्र परीक्षा दे पाएंगे या नहीं। इसी को लेकर National Testing Agency ने एडवाइजरी जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है।
NEET UG 2026: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पर क्यों बढ़ी चिंता?
इस बार परीक्षा से पहले सबसे ज्यादा चर्चा बायोमेट्रिक जांच को लेकर हो रही है। पिछले वर्षों में कुछ परीक्षा केंद्रों पर फिंगरप्रिंट मैच न होने, तकनीकी खराबी और बिजली कटने जैसी समस्याएं सामने आई थीं। ऐसे में छात्रों को एंट्री में देरी और मानसिक दबाव झेलना पड़ा था।अभिभावकों का कहना है कि छात्र महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा देने जाते हैं।
लेकिन अगर तकनीकी वजह से उनका समय खराब हो जाए, तो यह अनुचित होगा। कई पेरेंट्स ने यह भी मांग की है कि परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पहले से स्पष्ट की जाए।छात्रों के लिए जरूरी है कि वे परीक्षा से पहले अपनी तैयारी के साथ-साथ इन प्रक्रियाओं को भी समझ लें। क्योंकि आज के समय में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सिस्टम की समझ भी जरूरी हो गई है।
NTA की एडवाइजरी और छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
National Testing Agency ने छात्रों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि परीक्षा के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।जरूरी निर्देश (वेबसाइट: https://neet.nta.nic.in):















