उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई जिलों के जिलाधिकारियों का तबादला किया। इसी क्रम में IAS Ankur Lather को फर्रुखाबाद का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। 2016 बैच की इस अधिकारी को तेज-तर्रार और प्रभावी प्रशासन के लिए जाना जाता है। उनका यह सफर मेडिकल फील्ड से शुरू होकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचा है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।

IAS Ankur Lather: डॉक्टर से IAS तक का सफर, कैसे बदली जिंदगी

हरियाणा के हिसार जिले के राजगढ़ गांव से ताल्लुक रखने वाली अंकुर लाठर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद मेडिकल क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने पीएमटी परीक्षा पास कर AIIMS Delhi से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने दो साल तक वहीं डॉक्टर के रूप में सेवाएं भी दीं।

लेकिन उनके अंदर सिविल सेवा में जाने का सपना था। इसी जुनून ने उन्हें UPSC की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल की और IAS बनीं।यह सफर आसान नहीं था। मेडिकल जैसे स्थिर करियर को छोड़कर सिविल सेवा में आना बड़ा निर्णय था, लेकिन उन्होंने इसे अपने लक्ष्य के लिए चुना। यही वजह है कि आज उनकी कहानी कई युवाओं को प्रेरित कर रही है।

नई जिम्मेदारी और प्रशासनिक भूमिका

उत्तर प्रदेश में अंकुर लाठर को एक सक्षम अधिकारी के रूप में देखा जाता है। इससे पहले वह बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं। वहां उनके काम को काफी सराहा गया।अब फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। जिले के विकास, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर उनकी सीधी नजर होगी।

विशेषज्ञ मानते हैं कि उनके मेडिकल बैकग्राउंड और प्रशासनिक अनुभव का संयोजन उन्हें बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा। खासकर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उनके अनुभव का लाभ मिल सकता है।युवाओं के लिए उनका संदेश भी साफ है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए, तो किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है।

IAS Ankur Lather की कहानी सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि मेहनत और सही फैसलों की मिसाल है। आने वाले समय में उनकी कार्यशैली जिले के विकास में कितना योगदान देती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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