Bihar सामने आए एक बड़े रेस्क्यू अभियान ने बाल मजदूरी के गंभीर मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। बिहार के मधुबनी, दरभंगा और अन्य जिलों से आए कई नाबालिग बच्चों को अहमदाबाद मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद बीना जीआरपी, विदिशा जीआरपी और भोपाल संत हिरदाराम नगर जीआरपी ने युवामंच संगठन के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की और सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की तस्करी और मजबूरी में हो रही बाल मजदूरी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Bihar: रेलवे स्टेशन पर चला संयुक्त रेस्क्यू अभियान

सूत्रों के अनुसार बच्चों को ट्रेन के जरिए गुजरात ले जाया जा रहा था। शुरुआती जांच में पता चला कि अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से जुड़े हैं। इनमें कई बच्चे ऐसे भी थे जो पहली बार अपने गांव से बाहर निकले थे। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस सक्रिय हुई और अलग-अलग स्टेशनों पर जांच शुरू की गई।

युवामंच संस्था की मदद से पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाल सुरक्षा, मानव तस्करी, चाइल्ड लेबर, रेलवे सुरक्षा और रेस्क्यू अभियान जैसे मुद्दे अब फिर चर्चा में हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें किसके माध्यम से मजदूरी के लिए भेजा जा रहा था। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बच्चों को दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए ले जाने के मामले बढ़े हैं। इसी कारण स्टेशनों पर निगरानी और भी मजबूत की जा रही है।

बाल मजदूरी के खिलाफ सख्ती की जरूरत

रेस्क्यू किए गए बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। प्रशासन अब उन लोगों की पहचान में जुटा है जो बच्चों को काम दिलाने के नाम पर बाहर ले जा रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी और बेरोजगारी के कारण कई परिवार अपने बच्चों को बाहर भेजने को मजबूर हो जाते हैं। लेकिन नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में जागरूकता और सख्त कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।

सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। रेलवे पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की इस कार्रवाई की लोग सराहना कर रहे हैं।बिहार से अहमदाबाद मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे नाबालिग बच्चों का समय रहते रेस्क्यू होना बड़ी राहत की खबर है। इस घटना ने बाल मजदूरी और मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों को फिर उजागर किया है। प्रशासन अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है।

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