दरभंगा: बिहार का दूसरा एम्स (AIIMS) दरभंगा में बनने का रास्ता अब साफ हो गया है। लंबे समय से इसको लेकर चल रही चर्चा और योजनाओं पर अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अंतिम मुहर लगा दी है। उन्होंने घोषणा की कि दरभंगा के बलिया मौजे में 187 एकड़ जमीन पर एम्स का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने निर्माण का टेंडर भी जारी कर दिया है।

दरभंगा के लोगों में खुशी की लहर

दरभंगा में एम्स बनने की खबर के बाद यहां के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि एम्स के निर्माण से क्षेत्र का विकास तेजी से होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। दरभंगा वासियों को अब इस बात की 100% पुष्टि हो गई है कि एम्स का निर्माण यहीं होगा, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में भी बड़ा सुधार आएगा।

1261 करोड़ की लागत से बनेगा एम्स

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में दरभंगा का दौरा किया और प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया था। इसके बाद दिल्ली लौटकर उन्होंने दरभंगा एम्स के निर्माण को लेकर स्पष्ट जानकारी दी। निर्माण का टेंडर सरकारी कंपनी एनबीसीसी की सहायक इकाई एचएससीसी को दिया गया है। यह टेंडर 1261 करोड़ रुपये की लागत से एम्स के निर्माण के लिए जारी किया गया है।

विकास की नई दिशा

दरभंगा में एम्स बनने से न सिर्फ स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। एम्स के बनने से यहां के युवाओं को रोजगार के कई विकल्प मिलेंगे, साथ ही स्थानीय उद्योगों और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष

दरभंगा में एम्स के निर्माण की घोषणा ने पूरे इलाके में विकास की एक नई दिशा को उजागर किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में एम्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दरभंगा वासियों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है और बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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