त्योहारी सीजन में जब ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया, तब Bihar में यात्रियों के लिए बसें सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरीं। खासकर होली और ईद के दौरान बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की बसों में रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों ने सफर किया। आंकड़ों के मुताबिक, एक महीने में 73 हजार से ज्यादा लोगों ने इन बसों का इस्तेमाल किया, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

ट्रेनों में भीड़, बसों ने संभाला मोर्चा

त्योहारी सीजन में हर साल की तरह इस बार भी ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली। कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया और वेटिंग लिस्ट लंबी होती चली गई। ऐसे में BSRTC की बसें लोगों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनीं।23 फरवरी से 23 मार्च के बीच चलाए गए विशेष बस ऑपरेशन में 118 हाई-टेक एसी सीटर और स्लीपर बसों ने हजारों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया।

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सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली-मुजफ्फरपुर रूट पर देखने को मिली, जहां करीब 29 हजार यात्रियों ने सफर किया। इसके अलावा दरभंगा-गुरुग्राम और गया-दिल्ली जैसे रूटों पर भी बड़ी संख्या में लोग बसों की ओर आकर्षित हुए।इस दौरान बसों की औसत ऑक्युपेंसी 90 प्रतिशत से ज्यादा रही, जो इस सेवा की लोकप्रियता को दर्शाती है।

प्रवासी मजदूरों के लिए बनी लाइफलाइन

इस बार बस सेवाओं का सबसे ज्यादा फायदा उन प्रवासी मजदूरों को हुआ, जो दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से अपने घर लौट रहे थे।ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण इन लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी, लेकिन बस सेवाओं ने इस परेशानी को काफी हद तक कम कर दिया।

गुरुग्राम से पूर्णिया, अंबाला से दरभंगा और पटना से दिल्ली जैसे रूटों पर भी हजारों यात्रियों ने सफर किया। इससे साफ है कि बस सेवा अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद माध्यम बनती जा रही है।सरकार की इस पहल से न सिर्फ लोगों को समय पर घर पहुंचने में मदद मिली, बल्कि रेलवे पर पड़ने वाला दबाव भी कम हुआ।

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कम किराया और आसान सफर बना वजह

BSRTC की बसों की लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ी वजह उनका किफायती किराया और आरामदायक सफर रहा।जहां ट्रेन टिकट महंगे और सीमित थे, वहीं बसों में आसानी से सीट मिल गई। इसके अलावा ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा ने भी यात्रियों को आकर्षित किया।साफ-सुथरी बसें, समय पर सेवा और बेहतर कनेक्टिविटी ने इस सेवा को और मजबूत बनाया। यही कारण है कि लोग अब बसों को भी प्राथमिक विकल्प के रूप में देखने लगे हैं।

कुल मिलाकर, इस त्योहारी सीजन में BSRTC की बसों ने यह साबित कर दिया कि सही योजना और बेहतर सुविधा से सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाया जा सकता है।आने वाले समय में अगर ऐसी सेवाएं लगातार जारी रहती हैं, तो यह न केवल यात्रियों के लिए राहत बनेगी, बल्कि पूरे परिवहन तंत्र को संतुलित करने में भी मदद करेगी।