Bihar Diwas 2026: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रविवार को बिहार दिवस समारोह का भव्य आगाज़ हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और राज्य की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न पवेलियन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, सामाजिक कल्याण और पारंपरिक कला से जुड़े स्टॉलों को देखा और बिहार के उज्ज्वल भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया।

Bihar Diwas 2026: पवेलियन बना ‘टाइम मशीन’, विरासत और विकास की झलक

इस बार Bihar Diwas 2026 को खास बनाने के लिए गांधी मैदान में करीब 15 हजार वर्गफुट में एक भव्य पवेलियन तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसे ‘टाइम मशीन’ की तरह डिजाइन किया गया है, जहां लोग बिहार की पुरानी विरासत से लेकर आधुनिक विकास तक का सफर एक साथ देख सकते हैं।‘धरोहर दर्शन’ थीम के तहत ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को फिर से जीवंत करने की कोशिश की गई है। यहां लहठी और सुजनी जैसी लोक कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा हैं।

इसके अलावा महिला उद्यमियों को भी खास मंच दिया गया है। उनके उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री दोनों की व्यवस्था की गई है, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।सरकार के अलग-अलग विभागों ने भी अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए प्रस्तुत किया है। इससे आम लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है और उनका जुड़ाव भी बढ़ रहा है।

सीएम का संदेश: ‘गौरवशाली इतिहास, उज्ज्वल भविष्य’

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के पवेलियन का भी विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल टिंकरिंग लैब, ईको क्लब और बाल वाटिका जैसी सुविधाओं को देखा।इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास हमेशा से गौरवशाली रहा है और अब राज्य तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी मिलकर ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ के संकल्प को मजबूत करें।

सीएम ने खास तौर पर दिव्यांग छात्रों के लिए बनाए गए संवर्द्धन कक्ष और आधुनिक शिक्षा सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण ही राज्य के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं।Bihar Diwas 2026 के मौके पर यह भी साफ दिखा कि सरकार महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।

समाज कल्याण और योजनाओं का व्यापक प्रदर्शन

इस आयोजन में समाज कल्याण विभाग की कई इकाइयों ने हिस्सा लिया है। इनमें आईसीडीएस, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय और बाल संरक्षण से जुड़े विभाग शामिल हैं।इन सभी विभागों ने अपने-अपने स्टॉल के जरिए योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी।

खास बात यह रही कि कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया, जिसने पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संचालित किया।यहां प्रदर्शित योजनाएं सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को सीधे लाभ से जोड़ने का भी प्रयास करती हैं। यही कारण है कि ऐसे आयोजन आम जनता और सरकार के बीच पुल का काम करते हैं।

बिहार दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि राज्य की पहचान, संस्कृति और विकास यात्रा का प्रतीक है। इस बार का आयोजन दिखाता है कि परंपरा और आधुनिकता को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश जारी है।

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