पटना: बिहार में अब राशन दुकानों की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने एक जनवरी से "पीडीएस प्रकाश" नामक ऐप की शुरुआत की है, जिससे राशन दुकानों की पूरी निगरानी की जाएगी। विभाग के मंत्री ने इस ऐप का लोकार्पण किया और साथ ही उपभोक्ता जागरूकता विवरणिका और आपूर्ति पदाधिकारियों की सिविल लिस्ट पुस्तिका का भी विमोचन किया।
"पीडीएस प्रकाश" ऐप से राशन दुकानों की निगरानी
इस नए ऐप का उद्देश्य जनवितरण प्रणाली को प्रभावी और मजबूत बनाना है। ऐप की मदद से अधिकारियों को राशन दुकानों का निरीक्षण करने में आसानी होगी और लाभार्थियों की शिकायतों का समाधान जल्दी किया जा सकेगा। पीडीएस प्रकाश ऐप से राशन दुकानों का फीडबैक बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा और अधिकारियों को समस्याओं का तुरंत समाधान करने का अवसर मिलेगा।
गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ऐप
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गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध इस ऐप को अधिकारी एक जनवरी से उपयोग में लाएंगे। इसके साथ ही राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली की भी शुरुआत की गई है, जिससे कार्यालय की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
उपभोक्ता अधिकारों और जागरूकता को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान उपभोक्ता अधिकार और जागरूकता पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिससे उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के बारे में भी जानकारी दी गई।
समस्या का समाधान और उपभोक्ता फोरम की जानकारी
मंत्री ने कहा कि यदि किसी वस्तु या सेवा में कोई त्रुटि हो तो उपभोक्ताओं को पहले कस्टमर केयर से शिकायत करनी चाहिए, और यदि समाधान न मिले, तो टोल-फ्री नंबर 1915 पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। यहां शिकायतें 17 भाषाओं में दर्ज की जा सकती हैं और समस्या के समाधान की व्यवस्था की जाती है। यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान न हो, तो उपभोक्ता को उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करनी होगी।
इसे भी पढ़ेकार्यक्रम में अधिकारियों की उपस्थिति
इस मौके पर कई विभागों के अधिकारी, जैसे बिहार उद्योग संघ, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, उद्योग विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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