ChatGPT: ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच अब AI टेक्नोलॉजी यूजर्स के लिए सुरक्षा कवच बनती दिख रही है। नया डिजिटल ट्रेंड बताता है कि आप अपने फोन को एक स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम में बदल सकते हैं। दरअसल एक ऐसा फीचर सामने आया है जिससे संदिग्ध लिंक, ईमेल और मैसेज को तुरंत जांचा जा सकता है और संभावित खतरे से बचाव हो सकता है।
ChatGPT: कैसे काम करता है स्मार्ट स्कैम डिटेक्शन फीचर
आज डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग तेजी से बढ़ रही है। इसी के साथ phishing attack, malware link और fake OTP fraud भी बढ़े हैं। ऐसे में Chatgpt आधारित सिक्योरिटी सहायता यूजर को रिस्क पहचानने में मदद कर सकती है। यह सिस्टम किसी भी टेक्स्ट, लिंक या नंबर को समझकर बताता है कि वह संदिग्ध है या नहीं।इस प्रक्रिया में यूजर संदिग्ध मैसेज कॉपी करके चैट विंडो में डालता है। AI उस मैसेज की भाषा, पैटर्न और इरादे का विश्लेषण करता है।
अगर लिंक में data breach का खतरा या फिशिंग संकेत मिलते हैं तो तुरंत चेतावनी देता है। इसी तरह unknown call message या बैंक अपडेट वाले संदेश भी जांचे जा सकते हैं।साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि ज्यादातर ऑनलाइन ठगी जल्दी निर्णय लेने के दबाव में कराई जाती है। इसलिए AI-based जांच यूजर को सोचने का समय देती है। यह फीचर खासतौर पर बुजुर्गों और नए इंटरनेट यूजर्स के लिए उपयोगी माना जा रहा है। डिजिटल सुरक्षा के लिए इसे एक प्री-चेक टूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
Malwarebytes इंटीग्रेशन और इस्तेमाल करने का तरीका
अब कई प्लेटफॉर्म में Malwarebytes आधारित सुरक्षा जांच सुविधा जोड़ी जा रही है। इसका उद्देश्य real-time protection देना है। यूजर को बस संदिग्ध ईमेल, DM, URL या मोबाइल नंबर पेस्ट करना होता है और सिस्टम उसका analysis कर देता है।






















