सामने आए एक चौंकाने वाले मामले ने एक बार फिर डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर खतरे को उजागर कर दिया है। कर्नाटक के बेलगावी में 76 वर्षीय बुजुर्ग एक ऑनलाइन निवेश ठगी का शिकार हो गए। आरोप है कि ठगों ने देश की वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman का नकली वीडियो दिखाकर भरोसा जीता और लाखों रुपये ठग लिए। इस घटना के बाद पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को इंटरनेट पर दिखने वाले वीडियो और निवेश योजनाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग ने एक वीडियो देखा, जिसमें एक चर्चित चेहरा निवेश योजना का प्रचार करता दिखाई दे रहा था। वीडियो देखकर उन्हें योजना असली लगी और उन्होंने उसमें पैसा लगाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे ठगों ने उन्हें बड़े मुनाफे का लालच दिया और कई किस्तों में रकम ट्रांसफर करवा ली।

कैसे Deepfake वीडियो बनाकर बुजुर्ग को फंसाया गया

पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग ने पिछले साल नवंबर में इंटरनेट मंच पर एक वीडियो देखा था। वीडियो में निवेश से भारी मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। वीडियो के साथ एक लिंक भी मौजूद था, जिस पर क्लिक करने के बाद उनसे निजी जानकारी भरवाई गई। कुछ समय बाद एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और निवेश बढ़ाने के लिए समझाना शुरू कर दिया।

SPONSORED CONTENTAdvertisement

शुरुआत में छोटी रकम जमा करवाई गई। बाद में ठगों ने अपने मंच पर बड़ा मुनाफा दिखाकर भरोसा मजबूत किया। जब बुजुर्ग ने पैसे निकालने की कोशिश की, तब उनसे अलग-अलग शुल्क और कर के नाम पर और रकम मांगी गई। इसी दौरान उनसे करीब 7.9 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि अब साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। आम लोगों के लिए असली और नकली वीडियो में फर्क कर पाना मुश्किल होता जा रहा है।

पुलिस की चेतावनी और लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों को खास चेतावनी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को देखकर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। खासकर जब मामला निवेश और पैसे से जुड़ा हो, तब आधिकारिक जानकारी की जांच बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल नकली वीडियो इतने वास्तविक दिखते हैं कि आम व्यक्ति आसानी से भ्रमित हो सकता है। इसलिए किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पुष्टि सरकारी वेबसाइट या भरोसेमंद स्रोत से जरूर करनी चाहिए। पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अजनबी के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी या बड़ा नाम बताकर निवेश के लिए दबाव बनाता है, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।

यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी नहीं है, बल्कि यह तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरे का बड़ा संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में लोगों को तकनीक के साथ-साथ जागरूकता भी बढ़ानी होगी, तभी ऐसे अपराधों से बचाव संभव हो सकेगा।

Support Our Journalism

Read Without Limits

Subscribe to Samastipur News for an ad-free experience and exclusive premium content.

View Plans →

यह भी पढ़ें: AI Scholarships का बड़ा ऐलान! 15,000 युवाओं को मिलेगा फ्री ट्रेनिंग का मौका, करियर बनेगा हाईटेक