बॉलीवुड अभिनेता Sonu Sood एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी फिल्म या सामाजिक अभियान को लेकर नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के अपने साथी कलाकार के समर्थन में। हाल ही में चेक बाउंस मामले में Rajpal Yadav के Tihar Jail में आत्मसमर्पण के बाद, सोनू सूद ने खुलकर फिल्म इंडस्ट्री से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि कलाकारों को मुश्किल वक्त में काम देकर सहारा देना चाहिए, न कि सिर्फ सहानुभूति जताकर पीछे हट जाना चाहिए।
Sonu Sood: मुश्किल दौर में इंडस्ट्री से एकजुटता की अपील
Sonu Sood ने अपने बयान में कहा कि राजपाल यादव जैसे कलाकार ने दशकों तक दर्शकों को हंसाया है और आज अगर वह एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं, तो इंडस्ट्री की जिम्मेदारी बनती है कि वह उनके साथ खड़ी हो। उन्होंने प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और एक्टर्स से अपील की कि समर्थन को “चैरिटी” नहीं बल्कि “सम्मान” के रूप में देखा जाए। इसी कड़ी में राजपाल यादव को एक नई फिल्म का ऑफर दिए जाने की भी बात सामने आई, जिसने यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी एक बुरे दौर से खत्म नहीं होती।
यह बयान सिर्फ एक व्यक्ति के समर्थन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बॉलीवुड में industry solidarity, film industry support और artist welfare जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है। कई कलाकारों और फैंस ने सोशल मीडिया पर सोनू सूद के इस रुख की सराहना की और इसे मानवीय संवेदना का उदाहरण बताया।

Rajpal Yadav का सफर और कलाकारों के लिए सबक
Rajpal Yadav का करियर कॉमेडी से लेकर गंभीर किरदारों तक फैला रहा है। उन्होंने छोटे रोल्स से लेकर यादगार परफॉर्मेंस तक दर्शकों के दिल में जगह बनाई। लेकिन हालिया कानूनी और आर्थिक संकट ने यह दिखा दिया कि ग्लैमर की दुनिया जितनी चमकदार दिखती है, उतनी ही अनिश्चित भी है। इस पूरे घटनाक्रम ने Bollywood news के साथ-साथ यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या इंडस्ट्री अपने कलाकारों के लिए किसी स्थायी सुरक्षा तंत्र की जरूरत महसूस कर रही है। सोनू सूद का बयान इसी दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। उन्होंने पहले भी कई मौकों पर जरूरतमंदों की मदद कर यह साबित किया है कि सामाजिक जिम्मेदारी सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों से इंडस्ट्री को सीख लेनी चाहिए और कलाकारों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम विकसित करना चाहिए। इससे न सिर्फ व्यक्तिगत संकटों में मदद मिलेगी, बल्कि रचनात्मक माहौल भी मजबूत होगा।कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ एक अभिनेता के समर्थन का नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के आत्ममंथन का अवसर बन गया है—जहां सहानुभूति से आगे बढ़कर ठोस सहयोग की जरूरत महसूस की जा रही है।
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