Skip to main content
Samastipur News

Bihar Board Exam Controversy: परीक्षा हॉल में मोबाइल से व्लॉगिंग, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

Bihar Board Exam Controversy में परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल से व्लॉगिंग का वीडियो वायरल। निगरानी व्यवस्था और परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवाल।

Updated at :
Bihar Board Exam Controversy: परीक्षा हॉल में मोबाइल से व्लॉगिंग, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
Bihar Board Exam Controversy: परीक्षा हॉल में मोबाइल से व्लॉगिंग, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल (PC-Social Media)
AI सार तैयार किया जा रहा है...
खबर सुनें

Bihar Board की चल रही इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षाओं के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक छात्र को परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन से व्लॉगिंग करते हुए देखा गया है। हैरानी की बात यह है कि वीडियो में कथित तौर पर कोई भी वीक्षक (इनविजिलेटर) आसपास नजर नहीं आ रहा। इस घटना के बाद Bihar Board Exam Controversy एक बार फिर चर्चा में आ गई है और बोर्ड परीक्षाओं की साख पर बहस शुरू हो गई है।

वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विशेषज्ञ, अभिभावक और छात्र—तीनों वर्गों में नाराजगी देखी जा रही है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन ले जाना सख्त मना है, इसके बावजूद इस तरह की घटना का सामने आना व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।

Bihar Board परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा?

सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि छात्र परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल फोन कैसे ले गया। बोर्ड के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले छात्रों की तलाशी ली जाती है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित होते हैं। इसके बावजूद छात्र का मोबाइल के साथ परीक्षा केंद्र तक पहुंचना निगरानी तंत्र की कमजोरी को उजागर करता है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक छात्र की गलती नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की जिम्मेदारी तय करने का विषय है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में परीक्षा के दौरान नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता है। कई शिक्षाविदों ने सुझाव दिया है कि CCTV मॉनिटरिंग, फ्लाइंग स्क्वॉड और बायोमेट्रिक एंट्री जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर बंटी राय, बोर्ड की साख पर असर

इस मामले पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक वर्ग छात्र के व्यवहार की आलोचना कर रहा है और इसे अनुशासनहीनता बता रहा है, जबकि दूसरा वर्ग परीक्षा केंद्रों में वीक्षकों की लापरवाही को असली वजह मान रहा है। कुछ यूजर्स का कहना है कि अगर निगरानी सही होती, तो ऐसी घटना संभव ही नहीं थी। अब तक इस पूरे मामले पर Bihar School Examination Board की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। संभावना है कि संबंधित परीक्षा केंद्र के अधीक्षकों और वीक्षकों से जवाब-तलब किया जा सकता है।

बार-बार क्यों उठते हैं परीक्षा व्यवस्था पर सवाल?

यह पहली बार नहीं है जब बिहार बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आया हो। पिछले वर्षों में भी नकल, प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा केंद्रों की अव्यवस्था जैसे मामले सुर्खियों में रहे हैं। ऐसे में यह ताजा घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि तकनीक के दौर में परीक्षा प्रणाली को और अधिक सतर्क और पारदर्शी बनाना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा केवल अंकों का माध्यम नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की नींव होती है। इसलिए परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यदि समय रहते सख्त निगरानी और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो बोर्ड परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।

यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे परीक्षा तंत्र की समीक्षा की मांग करता है। अब सभी की नजर बोर्ड के अगले कदम पर टिकी है कि वह इस विवाद से क्या सबक लेता है और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

यह भी पढ़ें:- Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा से पहले PM मोदी का मंत्र, टेंशन नहीं बैलेंस ज़रूरी!

Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|
होम
ई-पेपरGoogleतस्वीरें
App Icon
Samastipur News App
Live Updates & Alerts
Download